टॉय ट्रेन बनकर रह गई भोपाल मेट्रो, महीने में करोड़ों खर्च के बाद नहीं मिल रहे यात्री

भोपाल के सुभाष नगर डिपो से एम्स तक मेट्रो का संचालन हो रहा है। हालांकि महीने में संचालन में 2.4 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी यात्री नहीं मिल रहे हैं।

Update: 2026-01-20 16:25 GMT

भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब एक महीने पहले जोर- शोर और दावों के साथ शुरू हुई भोपाल मेट्रो अपने शुरूआती जोश को खोती नजर आ रही है। सुभाष नगर से एम्स तक करीबन 6. 5 किमी रन करने वाली भोपाल मेट्रो, अब कमर्शियल पैसेंजर ट्रेन की बजाय टॉय ट्रेन बनकर रह गई है। शनिवार- रविवार या अवकाश के दिन केवल वही लोग आ रहे हैं, जिनको मेट्रो ट्रेन देखना हो। दूसरी ओर नियमित रूप से आवाजाही करने वाले यात्री भी अब इसके उपयोग से परहेज कर रहे हैं। क्योंकि यह उनके लिए किसी भी स्तर पर उपयोगी नहीं है।

बता दें कि भोपाल मेट्रो का उद्घाटन पिछले 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने किया था। इसके अगले दिन यानी, 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू किया गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। मेट्रो ट्रेन के चलते हुए मगंलवार को 30 दिन बीत गए, अब यात्री घट गए।

एक चौथाई से कम हुए यात्री

शुरुआत में जिस संख्या में मेट्रो को यात्री मिले, वह अब एक चौथाई भी नहीं रही। पहले दिन 21 दिसंबर को यात्री संख्या सबसे ज्यादा 6568 थी, जबकि 20 जनवरी की शाम तक मेट्रो में औसतन 1290 यात्री ही मिले है। आलाम ये रहा कि 8 जनवरी को मेट्रो में केवल 396 यात्री मिले। देखा जाए, तो 5 जनवरी से 9 जनवरी तक रोज 400 से 700 यात्री ही मिल पाएं।

8 लाख रुपए प्रतिदिन का संचालन खर्चा

जानकारी के अनुसार भोपाल में मेट्रो के संचालन पर रोज 8 लाख रुपए हो रहा है। 21 दिसंबर से 20 जनवरी मेट्रो पर संचालन पर करीबन 2.5 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन उस हिसाब से यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। यात्री कम होने से मेट्रो प्रबंधन ने ट्रेन के फेरे भी कम कर दिए हैं। पहले दिन जहां दोनों दिशाओं में 17 फेरे चल रहे थे, वही अब दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक कुल 13 ट्रिप कर दिया गया है। प्रत्येक ट्रेन के संचालन में 75 मिनट का अंतराल कर दिया गया है। इससे यात्री भी घटकर औसतन रोज 1 हजार के आसपास रह गए। इससे आय घटकर 39 हजार रुपए रह गई है। इनमें से सर्वाधिक टिकट एम्स से सुभाष नगर डिपो तक सीधी सफर करने वाले यात्रियों की है।

यात्रियों के आवागमन आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों का आवागमन अन्य स्टेशनों की तुलना में अधिक दर्ज किया गया है।

क्या बोले एमपी मेट्रो रेल डीजीएम

एमपी मेट्रो रेल कार्पोरेशन के डीजीएम सोशल अरविंद सोनी ने बताया कि मेट्रो का संचालन सफलतापूर्वक जारी है। ये सही है कि यात्री संख्या कुछ कम हो गई है, लेकिन आने वाले समय में जोकि धीरे-धीरे बढ़ेगी। खासकर शनिवार-रविवार या अन्य अवकाश के दिन भोपाल के रहवासी मेट्रो का आनंद ले रहे हैं। फिलहाल मेट्रो में यात्री संख्या बढ़ाने के लिए कोई डिस्काउंट योजना नहीं है।

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