बिलासपुर में न्यू ईयर भोज-प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण

Update: 2026-01-02 06:34 GMT

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान भोज और प्रार्थना सभा का आयोजन कर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। स्थानीय हिंदूवादी संगठनों ने पास्टर की शपथ लेते हुए वीडियो साझा किया, जिसमें वह प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों को साल 2026 में बपतिस्मा यानी ईसाई धर्म में प्रवेश का प्रतीक लेने की शपथ दिलाते दिख रहे हैं।

ये था मामला

यह घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने पास्टर सुखनंदन लहरे के खिलाफ बिना अनुमति प्रार्थना सभा कराने और धर्मांतरण कराने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है.स्थानीय हिंदू संगठन का कहना है कि न्यू ईयर भोज की आड़ में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं को भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य लाभ का लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

पास्टर के घर पर आयोजन

ग्राम जोंधरा निवासी सुखनंदन लहरे ईसाई धर्म मानते हैं. आरोप है कि उन्होंने अपने घर में न्यू ईयर पर भोज और प्रार्थना सभा का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए

प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण

स्थानीय युवकों ने प्रार्थना सभा के दौरान खिड़की की आड़ में चुपके से वीडियो रिकॉर्ड किया. वीडियो में सुखनंदन लहरे लोगों को प्रभु ईशु को मानने और 2026 में बपतिस्मा लेने की शपथ दिलाते दिख रहे हैं.

पुलिस कार्रवाई

स्थानीय युवकों ने वीडियो हिंदू संगठन के सदस्यों को भेजा। इसके बाद संगठन के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी और सुखनंदन लहरे के खिलाफ मामला दर्ज किया।

जाने क्या है बपतिस्मा ?

बपतिस्मा ईसाई धर्म में एक पवित्र संस्कार है। इसमें पानी का उपयोग कर व्यक्ति को ईसाई समुदाय में शामिल किया जाता है. यह संस्कार मसीह के साथ नए जीवन की शुरुआत और धार्मिक रूप से ईसाई धर्म अपनाने का प्रतीक होता है।

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