शेयर बाजार में अचानक क्यों मची हाहाकार? 7 लाख करोड़ स्वाहा, अडानी के शेयर 14% तक टूटे
शुक्रवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को 7 लाख करोड़ का नुकसान। अडानी ग्रुप के शेयर 14% तक टूटे।
नई दिल्ली। शुक्रवार का दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए भारी झटका लेकर आया, गुरुवार की तेजी के बाद जैसे ही बाजार खुला, दबाव दिखने लगा और दोपहर तक हालात साफ हो गए, बिकवाली हर तरफ हावी थी सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1 फीसदी टूटे, लेकिन असली मार मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी. नतीजा यह हुआ कि महज एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की करीब 7 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति हवा हो गई।
सेंसेक्स-निफ्टी से लेकर स्मॉलकैप तक, हर तरफ लाल निशान
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 770 अंक टूटकर 81,537 पर बंद हुआ वहीं निफ्टी 241 अंक गिरकर 25,048 पर आ गया बैंक निफ्टी में भी करीब 700 अंकों की गिरावट देखने को मिली, स्मॉलकैप इंडेक्स 1000 अंकों से ज्यादा और मिडकैप करीब 700 अंक तक फिसल गया बीएसई का कुल मार्केट कैप 458.50 लाख करोड़ से घटकर 451.56 लाख करोड़ रुपये रह गया।
अडानी ग्रुप के शेयरों में क्यों मची भगदड़
इस गिरावट में सबसे ज्यादा चर्चा अडानी ग्रुप के शेयरों की रही। कारोबार के दौरान अडानी ग्रीन एनर्जी करीब 14% टूट गया अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पावर, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडानी टोटल गैस इन सभी में 12% तक की गिरावट दर्ज की गई दरअसल, अमेरिकी बाजार नियामक से जुड़े एक मामले में गौतम अडानी और समूह के कार्यकारी सागर अडानी को लेकर नई हलचल सामने आई है। अमेरिकी आयोग ने कथित धोखाधड़ी और 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत योजना से जुड़े मामले में ईमेल के जरिए समन भेजने की अनुमति मांगी है। इसी खबर के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ी और अडानी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचे सैकड़ों शेयर
आज के कारोबारी सत्र में 328 शेयरों ने अपने 52-वीक लो को छुआ, जिनमें शामिल हैं, अडानी टोटल, अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर, बाटा इंडिया, ब्लू जेट हेल्थकेयर हालांकि दूसरी तरफ 69 शेयर ऐसे भी रहे जो अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे ।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।