सेंसेक्स 1066 अंक टूटा, 82,180 पर बंद: ट्रम्प की ग्रीनलैंड जिद से बाजार घबराया, रियल्टी 5% लुढ़का
मंगलवार को सेंसेक्स 1066 अंक गिरकर 82,180 पर बंद हुआ। ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद और ग्लोबल तनाव से बाजार में भारी बिकवाली।
मुंबई। शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन भारी रहा, सेंसेक्स 1065 अंक यानी करीब 1.28% की गिरावट के साथ 82,180 पर बंद हुआ । निफ्टी भी नहीं बच पाया और 353 अंक टूटकर 25,233 के स्तर पर आ गया । दिनभर बाजार संभलने की कोशिश करता दिखा, लेकिन बिकवाली का दबाव आखिरकार भारी पड़ गया, मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद और उससे पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता है।
सुस्त शुरुआत, दोपहर में तेज बिकवाली
मंगलवार सुबह बाजार ने कमजोर शुरुआत की। निफ्टी करीब 100 अंक नीचे 25,500 के आसपास खुला। शुरुआती कुछ घंटों में आईटी और बैंकिंग शेयरों में हल्की खरीदारी दिखी, जिससे लगा कि बाजार शायद संभल जाएगा. लेकिन दोपहर होते-होते तस्वीर बदल गई। आईटी, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर में एक साथ बिकवाली शुरू हो गई। एनएसई का निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 5% टूट गया। ऑटो और आईटी इंडेक्स भी 2% से ज्यादा गिर गए जिससे बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ गया।
ट्रम्प फैक्टर और ट्रेड वॉर की आशंका
बाजार में आई गिरावट की बड़ी वजह बढ़ती ग्लोबल टेंशन मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर विरोध करने वाले यूरोपीय देशों से आयात पर टैरिफ लगाने के ऐलान ने ट्रेड वॉर की आशंका को और गहरा कर दिया है. इस पूरे हालात पर चर्चा के लिए यूरोपीय संघ के नेता गुरुवार को ब्रुसेल्स में इमरजेंसी समिट करने जा रहे हैं। निवेशक फिलहाल किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहे।
ग्लोबल मार्केट भी दबाव में
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.39% गिरकर 4,885 पर बंद हुआ। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.11% टूटकर 52,991 पर आ गया हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.29% गिरकर 26,487 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.085% फिसलकर 4,113 पर बंद हुआ। अमेरिका में भी 19 जनवरी को डाउ जोन्स 0.17% गिरा था, जबकि नैस्डेक और S&P 500 में मामूली कमजोरी रही
विदेशी निवेशकों ने बेचे शेयर
19 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने ₹3,262 करोड़ के शेयर बेच दिए। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹4,234 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की, दिसंबर 2025 में FIIs कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने उसी महीने ₹79,620 करोड़ की बड़ी खरीदारी की थी। कुल मिलाकर बाजार इस वक्त ग्लोबल संकेतों पर ज्यादा निर्भर नजर आ रहा है।