केंद्र सरकार ने गेहूं के आटे और उससे बने उत्पादों के निर्यात में बड़ी राहत दी है। 5 लाख टन तक के शिपमेंट के लिए निर्यातकों को अनुमति मिल गई है और आवेदन प्रक्रिया 21 जनवरी से शुरू होगी। यह कदम किसानों और निर्यातकों दोनों के लिए उम्मीद की किरण बन गया है।
कौन कर सकता है आवेदन
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ केवल वैध निर्यातक ही उठा सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि निर्यातक खाद्य सुरक्षा और अन्य नियामक मानकों के अनुरूप पंजीकृत हों।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन अवधि: 21 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक
आवेदक को वैध पंजीकरण और निर्यात लाइसेंस रखना आवश्यक है
केवल पंजीकृत और अनुमोदित कंपनियां ही आवेदन कर सकती हैं
हर माह के अंतिम दस दिनों में आवेदन को प्राथमिकता दी जाएगी
सरकार का उद्देश्य
केंद्र सरकार का यह कदम गेहूं की उपलब्धता और निर्यात संतुलन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। 2022 में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए कुछ प्रतिबंधों के बाद यह पहली बार है जब निर्यातकों को इतने बड़े पैमाने पर अनुमति मिली है. सरकार का लक्ष्य है कि किसानों के हित और निर्यातक उद्योग दोनों का संतुलन बना रहे, साथ ही वैश्विक बाजार में भारतीय गेहूं की मांग को पूरा किया जा सके।