चांदी 3 लाख रुपए के पार: 1 महीने में 1 लाख रुपए की छलांग, निवेशक हैरान

चांदी पहली बार 3 लाख रुपए प्रति किलो के पार, जानिए दाम बढ़ने की वजह, निवेश के सुरक्षित तरीके और आगे का अनुमान।

Update: 2026-01-19 07:37 GMT

सोना नहीं, इस बार चांदी ने बाज़ार में हलचल मचा दी है. सोमवार, 19 जनवरी को MCX पर चांदी पहली बार ₹3 लाख प्रति किलो के पार निकल गई, महज एक दिन में करीब 14 हजार रुपए की तेजी ने निवेशकों और ग्राहकों दोनों को चौंका दिया । एक महीना पहले तक चांदी 2 लाख रुपए के आसपास थी, यानी 30 दिन में सीधा 1 लाख रुपए का उछाल। सवाल उठना लाज़मी है आख़िर चांदी इतनी तेज़ क्यों भाग रही है और क्या अभी इसमें पैसा लगाना समझदारी होगी?

MCX पर रिकॉर्ड, सर्राफा बाजार भी पीछे नहीं

MCX पर जहां चांदी 3 लाख प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है, वहीं सर्राफा बाजार में इसके दाम करीब ₹12 हजार बढ़कर 2.94 लाख प्रति किलो हो गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि 50 हजार से 1 लाख पहुंचने में चांदी को 14 साल लगे लेकिन 1 लाख से 2 लाख तक आने में 9 महीने और 2 लाख से 3 लाख तक सिर्फ 1 महीना ही लगा यही आंकड़े इस तेजी की असल कहानी कहते हैं ।

क्यों बढ़ रहे हैं चांदी के दाम?

1. इंडस्ट्रियल डिमांड ने बदला खेल

आज चांदी सिर्फ गहनों की धातु नहीं रही सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, 5G नेटवर्क इन सबमें चांदी अहम रोल निभा रही है, ग्रीन एनर्जी पर दुनिया का बढ़ता फोकस इसकी मांग को लगातार ऊपर ले जा रहा है ।

2. सप्लाई की तंगी

चांदी की सप्लाई उतनी तेज़ नहीं बढ़ पा रही, जितनी मांग खास बात यह है कि करीब 70% चांदी कॉपर और जिंक जैसी धातुओं की माइनिंग के दौरान बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलती है,  जब तक इन धातुओं का उत्पादन नहीं बढ़ेगा, चांदी की सप्लाई भी सीमित ही रहेगी ।

3. सुरक्षित निवेश की तलाश

भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और शेयर बाजार की अनिश्चितता ने निवेशकों को एक बार फिर से कीमती धातुओं की ओर मोड़ा है डॉलर इंडेक्स के 109 से फिसलकर 98 के करीब आने से भी चांदी को सपोर्ट मिला है।

क्या अभी चांदी खरीदनी चाहिए?

यह सवाल हर निवेशक के मन में है विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि में चांदी की डिमांड बनी रह सकती है, लेकिन इतनी तेज़ रैली के बाद सीधे बड़ी खरीदारी से बचना समझदारी होगी ।


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