सरकार ने PNG और LPG कनेक्शन को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब PNG लेने के बाद भी उपभोक्ता LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर किए बिना ट्रांसफर वाउचर का विकल्प चुन सकेंगे।
देश में बढ़ती गैस मांग और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अब घर में PNG कनेक्शन लगवाने के बाद लोगों को तुरंत LPG कनेक्शन सरेंडर नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने गैस कनेक्शन से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए नया विकल्प जोड़ा है। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा, जिन्हें नौकरी या पढ़ाई के कारण बार-बार शहर बदलना पड़ता है।
नई व्यवस्था ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल और गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
PNG लेने के बाद क्या बदल गया
पहले जिन घरों में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस का कनेक्शन लग जाता था, वहां LPG कनेक्शन बंद कराने को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती थी। अब सरकार ने नियम साफ कर दिए हैं। नए प्रावधान के तहत उपभोक्ता के पास दो विकल्प होंगे। पहला, PNG शुरू होने के 30 दिनों के भीतर वह अपना LPG कनेक्शन बंद करवा सकता है। दूसरा, वह ट्रांसफर वाउचर ले सकता है, जिससे भविष्य में गैर-PNG क्षेत्र में जाने पर वही LPG कनेक्शन दोबारा एक्टिव कराया जा सकेगा।
ट्रांसफरेबल नौकरी वालों को सबसे ज्यादा राहत
सरकार का यह फैसला खास तौर पर ट्रांसफरेबल नौकरी करने वालों के लिए अहम माना जा रहा है। सरकारी कर्मचारी, बैंककर्मी, प्राइवेट सेक्टर के अधिकारी और दूसरे शहरों में लगातार शिफ्ट होने वाले परिवार अब बिना नए कनेक्शन की झंझट के LPG सुविधा दोबारा शुरू कर सकेंगे। इसके अलावा किराए पर रहने वाले लोग, छात्र और प्रवासी परिवार भी इस बदलाव से सीधे प्रभावित होंगे।
गैस सप्लाई और कीमतों के बीच सरकार की तैयारी
वैश्विक स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। क्रूड ऑयल और गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे माहौल में सरकार घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को ज्यादा लचीला और व्यवस्थित बनाने की कोशिश कर रही है। PNG और LPG दोनों विकल्प बनाए रखने की सुविधा को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है बड़ा फायदा
नई व्यवस्था के बाद लोगों को शहर बदलने पर फिर से LPG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। ट्रांसफर वाउचर सिस्टम से उपभोक्ताओं का समय और दस्तावेजी प्रक्रिया दोनों कम होंगे। साथ ही गैस वितरण कंपनियों के लिए भी रिकॉर्ड मैनेजमेंट आसान होगा। ऊर्जा क्षेत्र के जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में PNG नेटवर्क बढ़ने के साथ ऐसे नियम शहरी उपभोक्ताओं के लिए और अहम साबित होंगे।