AC रेंट पर लेने से पहले इन 5 जरूरी बातों को जरूर जानें, वरना बाद में अतिरिक्त खर्च और परेशानी बढ़ सकती है। जानिए पूरी जानकारी।
गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर अब जरूरत बन गया है, लेकिन नया AC खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में कई लोग रेंट पर AC लेने का विकल्प चुनते हैं। हालांकि यह सुविधा जितनी आसान दिखती है, उतनी ही सावधानी भी मांगती है। छोटी सी लापरवाही बाद में बड़ा खर्च बढ़ा सकती है।
छिपे हुए चार्जेस से बढ़ सकता है बिल
रेंटल AC लेते समय सिर्फ मासिक किराया ही नहीं, बल्कि इंस्टॉलेशन, डिलीवरी, रिलोकेशन और सिक्योरिटी डिपॉजिट जैसे अतिरिक्त खर्च भी जुड़ सकते हैं। पूरी लागत समझे बिना फैसला लेना महंगा पड़ सकता है।
कमरे के साइज के अनुसार चुनें सही AC
छोटे कमरे में ज्यादा क्षमता का AC बिजली खर्च बढ़ा सकता है, जबकि बड़े कमरे में कम क्षमता वाला AC पर्याप्त ठंडक नहीं देता। सही टन का चयन बिजली बचत और बेहतर कूलिंग दोनों के लिए जरूरी है।
मेंटेनेंस और सर्विस की जिम्मेदारी साफ करें
AC खराब होने या सर्विस की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह पहले ही तय कर लें। कुछ कंपनियां फ्री सर्विस देती हैं, जबकि कुछ में अतिरिक्त चार्ज लग सकता है।
पुराने मॉडल का AC पड़ सकता है महंगा
सस्ते किराए के चक्कर में पुराने AC लेने से बिजली का बिल बढ़ सकता है। बेहतर एनर्जी रेटिंग और इन्वर्टर मॉडल वाले AC लंबे समय में ज्यादा किफायती साबित होते हैं।
फाइन प्रिंट पढ़ना बिल्कुल न भूलें
रेंटल एग्रीमेंट में लॉक-इन पीरियड, कैंसिलेशन पॉलिसी और डैमेज चार्ज जैसी शर्तें जरूर पढ़ें। समय से पहले AC वापस करने पर अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है।