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विश्व क्रिकेट में शुरू हुई नई तकनीकी क्रांति

क्रिकेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एंट्री, बदल जाएगी खेल की पूरी तस्वीर

अब खिलाड़ी चयन से लेकर मैच रणनीति और प्रशिक्षण तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निभाएगी बड़ी भूमिका


क्रिकेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एंट्री बदल जाएगी खेल की पूरी तस्वीर

 अनुराग तागड़े 

क्रिकेट अब केवल प्रतिभा, तकनीक और अनुभव का खेल नहीं रह गया है। अब इसमें चौथा और सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी भी उतर चुका है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। भारत में पहली बार टी-20 क्रिकेट लीग के संचालन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का व्यापक उपयोग शुरू किया गया है। लीग के बैकएंड संचालन से लेकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन विश्लेषण और भविष्य की रणनीति तक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रिकेट की नई दिशा तय करती नजर आ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव आने वाले वर्षों में क्रिकेट खेलने, खिलाड़ियों को तैयार करने और टूर्नामेंट संचालित करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चलाएगा पूरी क्रिकेट लीग

अब तक किसी भी क्रिकेट लीग के आयोजन के लिए सैकड़ों कर्मचारियों, अलग-अलग विभागों और बड़ी आईटी टीमों की आवश्यकता होती थी। खिलाड़ी अनुबंध तैयार करना, होटल बुकिंग, यात्रा प्रबंधन, ग्राउंड आवंटन, वित्तीय रिकॉर्ड, लाइव स्कोरिंग और प्रतियोगिता संचालन जैसे सभी कार्य अलग-अलग प्रणालियों से संचालित होते थे। नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली में केवल सामान्य भाषा में निर्देश देने पर पूरा डिजिटल सिस्टम तैयार हो जाता है। आधुनिक तकनीक की दुनिया में इसे "वाइब कोडिंग" कहा जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आवश्यक सॉफ्टवेयर, डाटाबेस और प्रबंधन प्रणाली स्वतः तैयार कर देता है, जिससे समय और लागत दोनों में उल्लेखनीय कमी आती है।

अब केवल स्काउट नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी खोजेगा प्रतिभा

क्रिकेट में खिलाड़ी चयन लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अवसर से वंचित रह जाते हैं, जबकि चयन में मानवीय पक्षपात के आरोप भी लगते रहे हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस व्यवस्था को बदल सकता है।अब हर खिलाड़ी की प्रत्येक गेंद, प्रत्येक रन, हर कैच और हर निर्णय का डिजिटल विश्लेषण होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह बताएगा कि बल्लेबाज किस प्रकार की गेंद पर सबसे अधिक सफल है, किस परिस्थिति में उसका प्रदर्शन गिरता है, गेंदबाज की कौन-सी लेंथ सबसे प्रभावी है, दबाव में खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करता है और उसकी फिटनेस का स्तर क्या है।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और छोटे शहरों की प्रतिभाओं को भी समान अवसर मिल सकेंगे।कोच नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी बताएगा क्या सुधार करना है
आने वाले समय में नेट अभ्यास के बाद खिलाड़ियों को केवल कोच की सलाह ही नहीं मिलेगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विस्तृत रिपोर्ट भी मिलेगी।
हाई-स्पीड कैमरे और सेंसर गेंद की गति, सीम पोजिशन, रिलीज पॉइंट, स्विंग, स्पिन, बल्लेबाज का फुटवर्क, बैट स्विंग और शॉट चयन का विश्लेषण करेंगे। कुछ ही मिनटों में खिलाड़ी को यह पता चल जाएगा कि उसकी सबसे बड़ी तकनीकी कमजोरी क्या है और उसे किस क्षेत्र में सबसे अधिक अभ्यास की जरूरत है। यानी हर खिलाड़ी के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत प्रशिक्षण योजना तैयार होगी।

चोट लगने से पहले मिलेगी चेतावनी

तेज गेंदबाजों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकता है।गेंदबाज के रन-अप, शरीर के संतुलन, गेंद फेंकने के कोण और कार्यभार (वर्कलोड) का लगातार विश्लेषण कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले ही संकेत दे सकता है कि किस खिलाड़ी पर चोट का खतरा बढ़ रहा है। इससे प्रशिक्षण कार्यक्रम में समय रहते बदलाव किया जा सकेगा और लंबे समय तक खिलाड़ी फिट रह सकेंगे।

मैच की रणनीति भी बनाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

भविष्य में कप्तान और कोच हजारों पुराने मैचों का विश्लेषण कुछ ही सेकंड में प्राप्त कर सकेंगे।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह सुझाव देगा कि किस बल्लेबाज के सामने कौन-सा गेंदबाज सबसे प्रभावी रहेगा, किस ओवर में कौन-सी गेंदबाजी करनी चाहिए, किस क्षेत्र में फील्डर लगाने चाहिए और किस बल्लेबाज के खिलाफ कौन-सी रणनीति अपनानी चाहिए।इससे मैच रणनीति पहले से कहीं अधिक सटीक और वैज्ञानिक हो जाएगी।

महिला क्रिकेट में तेजी से बढ़ रहा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग

विश्व क्रिकेट में महिला क्रिकेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का तेजी से लाभ उठा रहा है।ऑस्ट्रेलिया में हाई-परफॉर्मेंस सेंटर खिलाड़ियों के वीडियो विश्लेषण, कार्यभार प्रबंधन (वर्कलोड मैनेजमेंट), बायोमैकेनिक्स और प्रदर्शन डेटा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। महिला खिलाड़ियों की फिटनेस, बल्लेबाजी पैटर्न और गेंदबाजी विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।इंग्लैंड में भी महिला टीम के कोचिंग स्टाफ उन्नत डेटा मॉडल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिमुलेशन की सहायता से विभिन्न टीम संयोजनों और मैच रणनीतियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। वीडियो एनालिटिक्स अब प्रशिक्षण का नियमित हिस्सा बन चुका है।

महिला टी-20 विश्व कप में भी दिख रहा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव

इंग्लैंड में खेले जा रहे महिला टी-20 विश्व कप में टीमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वीडियो विश्लेषण, बॉल ट्रैकिंग, प्रदर्शन डेटा और विपक्षी खिलाड़ियों की तकनीकी कमजोरियों का अध्ययन कर रणनीति तैयार कर रही हैं। हालांकि अंतिम निर्णय अभी भी कोच और चयनकर्ता ही लेते हैं, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब निर्णय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण सहयोगी बन चुका है।
अगले 10 वर्षों में क्रिकेट पूरी तरह बदल सकता है

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दशक में क्रिकेट का लगभग हर पहलू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से प्रभावित होगा।हर खिलाड़ी का डिजिटल प्रदर्शन प्रोफाइल होगा।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित व्यक्तिगत कोच उपलब्ध होंगे।अभ्यास के दौरान रियल टाइम तकनीकी सुझाव मिलेंगे।चोट लगने की संभावना पहले ही पता चल जाएगी।चयन पूरी तरह डेटा आधारित होगा।मैच रणनीति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से तैयार होगी।दर्शकों को भी लाइव प्रदर्शन विश्लेषण उपलब्ध होगा।

नई तकनीक, नया क्रिकेट

जिस प्रकार कभी वीडियो एनालिसिस और डीआरएस (DRS) ने क्रिकेट की तस्वीर बदल दी थी, उसी प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब क्रिकेट की अगली बड़ी क्रांति बनकर उभर रहा है।क्रिकेट का भविष्य अब केवल प्रतिभा, मेहनत और अनुभव पर नहीं, बल्कि डेटा, एल्गोरिद्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी निर्भर करेगा। आने वाले वर्षों में संभव है कि मैदान पर खेलने वाले 22 खिलाड़ियों के साथ एक अदृश्य खिलाड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी हर मैच के परिणाम को प्रभावित करता दिखाई दे।

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