बॉलीवुड का तथाकथित सेक्युलर गैंग अब बेनकाब हो चुका है और उसकी असली सूरत अब सामने आ चुकी है! जावेद अख्तर और शबाना आजमी का पुत्र फरहान अख्तर इस फेहरिस्त मे सबसे ताजा उदाहरण है . फरहान अख्तर ने 2023 में डाॅन- 3 फिल्म की घोषणा की थी. तीन साल बीत गए, फिल्म का नामोनिशान तक नहीं! बार-बार डेट बदलते रहे, प्रोजेक्ट टालते रहे. लेकिन जैसे ही रणवीर सिंह की धुरंधर और धुरंधर-2 सुपरहिट हुई, फरहान अख्तर की नींद उड़ गई! वो अचानक रणवीर सिंह से डेट्स मांगने लगे. सफलता देखकर जलन हो गई ना? पहले तो बातें सिविल तरीके से चल रही थीं, लेकिन फिर असली चेहरा सामने आ गया.
रणवीर सिंह ने आरएसएस कार्यालय और डॉ. हेडेगेवार स्मारक का दौरा किया था. एक अभिनेता का अपना अधिकार है कि वो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े. लेकिन फरहान अख्तर को ये बर्दाश्त नहीं हुआ! तुरंत सोशल मीडिया पर रणवीर के खिलाफ भद्दा-भद्दा प्रचार शुरू कर दिया. आरोप-प्रत्यारोप, फेक न्यूज... सब चलाया गया. हद तो तब पार हुई जब" फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज़" के जरिए रणवीर सिंह पर काम करने का पूरा बैन लगा दिया गया. फेडरेशन ने रणवीर सिंह पर गैर सहयोग यानी बैन लगा दिया.
और ये फेडरेशन का एडवाइजर कौन है? अशोक पंडित! वही अशोक पंडित जो खुद को ‘राष्ट्रवादी’ बताकर बॉलीवुड को एंटी-नेशनल करार देते थे. लेकिन असलियत देखिए – हाल ही में अपने बर्थडे पर जावेद अख्तर और आमिर खान को इनवाइट किया. अब वही अशोक पंडित जावेद के बेटे फरहान का साथ दे रहे हैं! क्या जबरदस्त दोहरा चरित्र है भाई?
फिल्म मेकर राम गोपाल वर्मा "डाॅन-3"विवाद मे खुलकर रणवीर सिंह के पक्ष मे आ गये और फेडरेशन के द्वारा रणवीर पर "गैर सहयोग" (नन-को-आॅपरेशन)निर्देश जारी करने के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी. ये पूरा खेल बॉलीवुड के तथाकथित सेक्युलर गैंग का है! जो उनके आदेश नहीं मानता, उसे सिस्टम से बाहर कर दो. रणवीर सिंह मेहनती है, राष्ट्रवादी सोच रखता है, अलग-अलग रोल करता है, दर्शकों का प्यार कमाता है.इसलिए ये माफिया उसे सहन नहीं कर पा रहा है.
बाॅलीवुड मे नेपोटिज्म, परिवारवाद और वामपंथी गैंग का राज अब खत्म होने की ओर है ! जावेद अख्तर जैसे लोग दशकों से इस इंडस्ट्री को अपने कब्जे में रखे हुए हैं. उनका बेटा असफल हो तो दूसरे को तोड़ दो. धुरंधर हिट हुई तो जलन सताने लगी. रणवीर पर बैन लगाकर क्या साबित करना चाहते हो? यही न कि बॉलीवुड में तुम्हारी मर्जी के बिना कोई काम नहीं कर सकता? इसी जावेद अख्तर की कारस्तानी थी "दीवार" फिल्म मे अमिताभ नास्तिक हैं भगवान को नहीं मानते पर बिल्ला नम्बर 786 उन्हें गोलियों से बचा लेती हैं.शोले फिल्म मे एके हंगल का बेटा सचिन मरा पड़ा है और वो नमाज अदा करने जाता है- वहीं शिव मंदिर से धर्मेंद्र हेमा मालिनी पर लाइन मारता है.
रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण जब शाहीन बाग आन्दोलन को प्रोमोट करने जाते हैं तबतक सब ठीक था लेकिन धुरंधर व धुरंधर पार्ट-2 से इनकी फट गयी. धुरंधर दोनो पार्ट,कश्मीर फाइल्स,बंगाल फाइल्स और केरल स्टोरी को " द कपिल शर्मा शो" मे प्रोमोट नहीं किया जाता क्यों? ये सभी राष्ट्रवादी फिल्मे हैं और इसका प्रोड्यूसर सलमान खान है.
रणवीर सिंह को मजबूत बने रहने की जरूरत है! दर्शक आपके साथ हैं. सोशल मीडिया के इस दौर में ऐसे बैन से कोई सितारा नहीं टूटता, बल्कि और चमकता है. बॉलीवुड के इस गंदे माफिया को अब जनता जवाब देगी. जो भी राष्ट्रवादी सोच रखता है, मेहनत करता है उसे बाॅलीवुड का तथाकथित सेक्युलर गैंग बैंड कर देता है या मार डालता है.सुशांत सिंह राजपूत,दिव्या भारती, गुलशन कुमार जैसे कई उदाहरण बाॅलीवुड मे मौजूद रहे हैं.
अब उदाहरण से आप समझिए इन तथाकथित सेक्युलर गैंग और भोगी मीडिया की कारस्तानी. एक जमाने मे राजकपूर,राजेन्द्र कुमार,राजकुमार,शम्मी कपूर,सुनील दत्त और इन सबसे बढ़कर देवानंद दर्शकों के दिलों की धड़कन थे. पर उसी जमाने के दिलीप कुमार को ट्रेजडी किंग के खिताब से नवाजा गया.और पाकिस्तान परस्त उस अभिनेता को पाकिस्तान ने अपने सर्वोच्च सम्मान " निशाने पाकिस्तान " से नवाजा. क्या दिखाता है यह सब?
वर्तमान दौर मे आइये रणवीर सिंह,रणवीर कपूर,अक्षय कुमार,अजय देवगन आदि ने एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं पर तथाकथित सेक्युलर प्रोड्यूसर-डायरेक्टर और भोगी मीडिया अभी भी खान तिकड़ी ( शाहरूख,सलमान व आमिर)को चर्चा मे बनाये रखती है.सलमान खान अरिजीत सिंह,सोनू निगम और अभिजीत भट्टाचार्य जैसे गायकों को बैन करके पाकिस्तानी गायक से अपनी फिल्मों मे गवाता है. सलमान ने फिल्म सुल्तान मे अरिजीत सिंह का गाना " जग घूमया " हटवा दिया था और पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान से गवाया था.
बाॅलीवुड मे अब ये सेक्युलर गैंग नंगे हो गये हैं, और इनकी भोगी मीडिया सर पीट रही है. इसी तरह "जय हो" ( फिल्म- स्लमडॉग मिलियनेयर) गाने के अधिकारिक म्यूजिक डायरेक्टर एआर रहमान हैं.लेकिन फिल्म निर्माता रामगोपाल वर्मा ने दावा किया कि इस गाने को एआर रहमान ने नहीं बल्कि गायक सुखविंदर सिंह ने कंपोज किया था. ये है बाॅलीवुड का सेक्युलर गैंग जो अभी बाॅलीवुड मे राष्ट्रवादी सोच के उत्थान से छाती पीट रहा है.
(लेखक डाॅ.अमरनाथ पाठक शिक्षाविद,वरिष्ठ पत्रकार,साहित्यकार व फिल्म कलाकार हैं.)