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India Becomes Fifth Largest Digital Economy 2026

भारत बनी दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी डिजिटल इकोनॉमी, AI इंडेक्स में चौथा स्थान

भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल इकोनॉमी बन गया है। AI इंडेक्स में देश चौथे स्थान पर पहुंचा है और डिजिटल प्रदर्शन में जर्मनी, फ्रांस, जापान व कनाडा जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है।


भारत बनी दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी डिजिटल इकोनॉमी ai इंडेक्स में चौथा स्थान

नई दिल्ली। भारत ने डिजिटल क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (ICRIER) की ‘इंडियाज डिजिटल इकोनॉमी (SIDE) 2026’ रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया की पांचवीं सबसे अधिक डिजिटलाइज्ड अर्थव्यवस्था बन गया है। पिछले वर्ष भारत इस सूची में आठवें स्थान पर था। रिपोर्ट के अनुसार देश ने डिजिटल प्रदर्शन के मामले में जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं को भी पीछे छोड़ दिया है।

AI प्रदर्शन में दुनिया में चौथा स्थान

भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार चिप्स-एआई इंडेक्स में भारत अमेरिका, चीन और सिंगापुर के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गया है।  विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी, फिनटेक क्षेत्र का विस्तार और नवाचार क्षमता में वृद्धि ने भारत की इस प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

71 देशों की स्टडी में सामने आए आंकड़े

रिपोर्ट में दुनिया की जीडीपी के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को कवर करने वाले 71 देशों का अध्ययन किया गया। अध्ययन में पाया गया कि भारत का डिजिटल इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हुआ है और वह कई विकसित देशों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

31 लाख करोड़ का डिजिटल व्यापार

रिपोर्ट के अनुसार भारत ने डिजिटल माध्यमों से लगभग 31 लाख करोड़ का व्यापार किया है। साथ ही देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा AI टैलेंट हब बनकर उभरा है। यह उपलब्धि भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल भुगतान नेटवर्क और तकनीकी प्रतिभा की मजबूती को दर्शाती है।

वैश्विक AI उपयोग में भारत की बड़ी हिस्सेदारी

रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी है कि दुनिया के 72 प्रतिशत AI उपयोगकर्ता अब विकासशील देशों में हैं।

  • भारत और चीन मिलकर वैश्विक AI उपयोग का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।
  • भारत अकेले वैश्विक AI उपयोगकर्ताओं का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा रखता है।
  • AI आधारित सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।

निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर अब भी चुनौती

हालांकि AI उपयोग और प्रतिभा के मामले में भारत मजबूत स्थिति में है, लेकिन निवेश के क्षेत्र में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं।  रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक निजी AI निवेश में भारत की हिस्सेदारी केवल लगभग 1 प्रतिशत है। इसके अलावा उन्नत चिप निर्माण, उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग और बड़े AI मॉडल्स जैसी तकनीकों पर अभी कुछ देशों का वर्चस्व बना हुआ है।

नवाचार और रिसर्च पर बढ़ाना होगा फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी डिजिटल सफलता को दीर्घकालिक तकनीकी नेतृत्व में बदलने के लिए रिसर्च, नवाचार और निवेश को और मजबूत करना होगा। इसके लिए AI अनुसंधान में निवेश बढ़ाने, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग मजबूत करने, उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, और स्वदेशी तकनीकी समाधान तैयार करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

भारत की यह उपलब्धि डिजिटल परिवर्तन, तकनीकी नवाचार और AI आधारित भविष्य की दिशा में देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाती है।

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