BCCI ने IPL में स्मार्ट सनग्लास को कम्युनिकेशन डिवाइस मानते हुए बैन कर दिया है। खिलाड़ियों की गतिविधियों और डेटा लीक रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं।
IPL में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर BCCI ने एक बड़ा कदम उठाया है। एंटी करप्शन यूनिट ने अब स्मार्ट सनग्लास के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद खिलाड़ियों और टीम स्टाफ को नए नियमों का पालन करना होगा। बोर्ड की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक मैच वाले दिन खिलाड़ियों को अपने फोन, स्मार्टवॉच और स्मार्ट सनग्लास जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर को जमा कराने होंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा। इस कदम को IPL की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
स्मार्ट सनग्लास पर क्यों लगा बैन
BCCI ने स्मार्ट सनग्लास को कम्युनिकेशन डिवाइस की श्रेणी में रखा है। इनमें ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग, मैसेजिंग और लाइव स्ट्रीमिंग जैसी सुविधाएं होती हैं। बोर्ड का मानना है कि इन डिवाइस के जरिए मैच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी बाहर जा सकती है। यही वजह है कि इसे सुरक्षा जोखिम मानते हुए बैन किया गया है।
IPL में पहले भी सामने आए विवाद
हाल के दिनों में IPL में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई। इन घटनाओं के बाद ही BCCI ने सख्त रुख अपनाया है। 10 अप्रैल को गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर मैच के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करते दिखे थे, जिसके बाद उन पर जुर्माना लगाया गया। 28 अप्रैल को न्यू चंडीगढ़ में कप्तान रियान पराग ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते नजर आए थे, जो नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा कई बार खिलाड़ियों के परिवार और करीबी लोगों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश
BCCI की एंटी करप्शन यूनिट IPL की साख और सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय रहती है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद से निगरानी व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है। हर टीम के साथ एक सुरक्षा अधिकारी तैनात रहता है जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और बाहरी संपर्कों पर नजर रखता है। अब स्मार्ट डिवाइस पर रोक को इसी निगरानी प्रणाली को और सख्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या बदल जाएगा IPL का सुरक्षा सिस्टम
नए नियमों के बाद खिलाड़ियों को मैदान और ड्रेसिंग रूम के अंदर किसी भी तरह के स्मार्ट डिवाइस का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। BCCI का फोकस इस बात पर है कि मैच से जुड़ी कोई भी जानकारी बाहरी दुनिया तक लीक न हो और खेल की पारदर्शिता बनी रहे। इस फैसले के बाद IPL की सुरक्षा नीति और भी सख्त और नियंत्रित हो गई है।