मध्यप्रदेश की राजनीति से जुड़े कई सोशल मीडिया दावे वायरल हो रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस नेताओं को लेकर विभिन्न चर्चाएँ सामने आई हैं।
अनुराग उपाध्याय
बच्चों में बच्चे जैसे मुख्यमंत्री
बीते ढाई सालों में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सबसे ज्यादा वीडियो बच्चों के साथ वायरल हुए हैं। इन सभी वीडियो में उनका बच्चों के साथ संवाद और लाड़ प्यार साफ जाहिर होता है। यादव जब बच्चों के साथ होते हैं तो उनके घर तक की पूरी जानकारी उनसे ले लेते हैं। वे बातों-बातों में बच्चों से कुछ सवाल भी पूछते हैं और उनके ज्ञानवर्धक जवाब भी खुद देते हैं। मुख्यमंत्री इस दौरान एक अच्छे शिक्षक की तरह नजर आते हैं। ये सब उनकी जीवन शैली का हिस्सा है। लेकिन लगता है स्कूल शिक्षा विभाग अपने मुख्यमंत्री से ही कुछ सीखना नहीं चाहता है। मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री की चिंता और प्रयास के बावजूद अभी सरकारी स्कूलों में पर्याप्त बदलाव नहीं आया है। एक अच्छा शिक्षक कैसा होना चाहिए और स्कूल कैसे हों इस पर मोहन यादव सुस्त स्कूल शिक्षा विभाग को दुरुस्त करने में लगे हैं। सांदीपनि विद्यालय मुख्यमंत्री की इसी सोच का परिणाम है।
सिंधिया और नेपाली
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चाय बागान में काम करने वाली एक नेपाली महिला से नेपाली में बतियाते नजर आये। हर कोई ज्योतिरादित्य सिंधिया को बेहतरीन अंदाज में नेपाली बोलता देख हतप्रभ, अधिकारियों को कुछ सूझ नहीं रहा था। आपको बता दें ज्योतिरादित्य को नेपाली विरासत में मिली है। उनकी माता जी माधवी राजे नेपाली मूल की थीं। उनकी दादी राजमाता सिंधिया और ज्योतिरादित्य की सास भी नेपाली मूल की हैं। यही वजह है कि नेपाली उनके इर्दगिर्द बोली जाती रही है, इसलिए वे भी नेपाली बोलना सीख गए। आपको बता दें हिंदी, इग्लिश, मराठी के अलावा सिंधिया नेपाली में भी सिद्धहस्त हैं।
जीतू की परेशानी समझो
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस समय 58 के फेर में हैं। राज्यसभा की तीन सीटों पर अगले महीने चुनाव हैं। कांग्रेस को एक सीट के लिए 58 वोटों की जरूरत है, कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल है। लेकिन कांग्रेस को आशंकाएं भी कम नहीं हैं। कांग्रेस के आधादर्जन से ज्यादा विधायक भाजपा के पाले में खेल रहे हैं। इसलिए जीतू पटवारी की परेशानी लाजमी है। पटवारी खुद राज्यसभा जाना चाहते हैं लेकिन भीतरी विरोध के चलते खुल के कुछ कह भी नहीं पा रहे हैं। अध्यक्ष के नाते इस आसान चुनाव में कोई दुश्वारी पैदा न हो यह भी उन्हें देखना है। इसके बाद दूसरी समस्या ये हैं कि दिल्ली इसके लिए अपनी पसंद का नाम न दे दे। क्योंकि पहले इसके लिए दिल्ली ने मीनाक्षी नटराजन का नाम दिया था। जिसे स्थानीय नेताओं से पीसीसी ने खारिज करवा दिया था।
कॉकरोच के बाद हिट जनता पार्टी
बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना टाइप के लोगों में मध्यप्रदेश में भी कॉकरोच जनता पार्टी की नींव सोशल मीडिया पर रख दी है। एमपी से कॉकरोच के कई स्वयं भू अध्यक्ष सोशल मीडिया पर दिख रहे हैं। ये लोग एक दूसरे को जानते तक नहीं पर सभी अध्यक्ष हैं। कई शहरों में कॉकरोच के कई-कई अध्यक्ष सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गए हैं। बिना विचार, बिना किसी तजुर्बे और जानकारी के इकट्ठे हुए इन लोगों को समझाइश के साथ यूजर गालियां भी दे रहे हैं। कॉकरोच के जवाब में हिट जनता पार्टी में सोशल मीडिया पर आ गई है। इनका स्लोगन कॉकरोच पर हिट का वार। हिट करे घर और समाज से बीमारी फैलाने वाले कॉकरोच को दूर।
अभी और अफसर बदलेंगे
तबादले के मौसम से पहले कुछ आला अफसरों के तबादलों की सूचियां आना शेष हैं। बताते हैं मुख्यमंत्री प्रशासनिक जमावट अभी एक दम संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए कुछ विशिष्ट अफसरों को दाएं-बाएं करने पर विचार मंथन चल रहा है। कुछ जिलों में एसपी और कलेक्टर भी बदले जाने हैं। इनके नामों की सूचियां भी तैयार कर ली गई हैं। सिंहस्थ से पहले उज्जैन में मौजूदा अफसर ठीक हैं या इन्हें बदला जाए इस पर भी इस सप्ताह फैसला होने की उम्मीद है।
पुराने किरदार और हनीट्रैप
पुराने किरदारों के साथ एक बार फिर हनीट्रैप का बम फूट गया है। 2019 वाले हनीट्रैप से जुड़ी रही श्वेता जैन को इंदौर पुलिस ने पकड़ लिया है। 2019 के हनीट्रैप में तकरीबन 93 लोग इसमें ट्रैप हुए थे। इस बार भी संख्या 12 के पार पहुंच गई है। 90 के दशक से लेकर अब तक कई हनीट्रैप कांड सामने आये हैं, और इन सब में पत्रकारों की भूमिका भी संदिग्ध रही है। पहले हनीट्रैप राजदूत काण्ड से पिछले हनीट्रैप तक मीडिया के लोग बिचोलिये की भूमिका में नजर आये। इस बार ईश्वर का शुक्र है कि इस घिनौने काण्ड में किसी पत्रकार का नाम सामने नहीं आया है।