कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए चयनित 1000 श्रद्धालुओं की लिस्ट जारी हो गई है। विदेश मंत्रालय ने सख्त नियम तय किए हैं, जिनका पालन न करने पर चयन रद्द किया जा सकता है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 को लेकर विदेश मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाते हुए चयनित श्रद्धालुओं की सूची जारी कर दी है। इस बार प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटर ड्रॉ के जरिए की गई है। विदेश मंत्री एस यशंकर ने ड्रा ऑफ लॉट्स के माध्यम से 1000 श्रद्धालुओं के नाम घोषित किए, जिनका चयन निष्पक्ष और रैंडम प्रक्रिया से हुआ है। हालांकि चयन के बाद भी यात्रा की पुष्टि कई शर्तों पर निर्भर करेगी और नियमों का पालन न करने पर नाम सूची से हटाया जा सकता है।
कंप्यूटर ड्रा से चुने गए 1000 श्रद्धालु
इस वर्ष कुल 1000 श्रद्धालुओं का चयन किया गया है, जिन्हें 20 अलग-अलग बैच में यात्रा पर भेजा जाएगा। हर बैच में 50 यात्रियों को शामिल किया गया है और पूरी लिस्ट आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। सरकार ने इस बार चयन प्रक्रिया में जेंडर बैलेंस का भी ध्यान रखा है ताकि पुरुष और महिला दोनों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
लिपुलेख और नाथू ला रूट से आसान यात्रा
यात्रा के लिए इस बार दो प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इसमें पहला लिपुलेख दर्रा तो दूसरा नाथू ला दर्रा है। दोनों मार्ग अब मोटरेबल हो चुके हैं, जिससे श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में काफी कम पैदल यात्रा करनी होगी। इस बदलाव से यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
चयन के बाद भी लागू रहेंगे सख्त नियम
लिस्ट में नाम आना अंतिम पुष्टि नहीं माना जाएगा, क्योंकि मंत्रालय ने कई कड़े नियम लागू किए हैं। यात्रियों को तय समय सीमा के भीतर बुकिंग राशि जमा करनी होगी, जो किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी। समय पर भुगतान न करने पर नाम स्वतः रद्द होकर वेटिंग लिस्ट में चला जाएगा।
रूट और बैच बदलना नहीं होगा आसान
चयनित यात्रियों को वही रूट और बैच फॉलो करना होगा जो उन्हें ड्रा में मिला है। केवल विशेष परिस्थितियों में ही बदलाव की अनुमति दी जाएगी, वह भी उपलब्ध सीट और मंत्रालय की मंजूरी पर निर्भर होगा। इस मामले में अंतिम निर्णय पूरी तरह विदेश मंत्रालय के पास रहेगा।
यात्रा से पहले ऑनलाइन कन्फर्मेशन जरूरी
श्रद्धालुओं को दिल्ली पहुंचने से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी भागीदारी को दोबारा कन्फर्म करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर भी चयन रद्द किया जा सकता है और उनकी जगह वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को मौका मिलेगा। मंत्रालय ने साफ किया है कि यात्रा में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी नियमों का सख्ती से पालन जरूरी होगा।