उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। 33 जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बांदा 46.4°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर बना रहा।
उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने 33 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। हालात इतने गंभीर हैं कि बांदा सोमवार को 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आईं। बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा असर
पिछले 24 घंटों में यूपी के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे ज्यादा गर्मी बांदा में रिकॉर्ड की गई, जहां पारा 46.4°C तक पहुंच गया। इसके अलावा झांसी में 44.6°C, प्रयागराज में 44.5°C और हमीरपुर में 44.2°C तापमान दर्ज किया गया। देश के सबसे गर्म शहरों की सूची में यूपी के चार जिले शामिल रहे। दोपहर के समय तेज गर्म हवाओं और तपती सड़कों ने आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी।
IMD ने दोपहर में निकलने से बचने की चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। IMD के मुताबिक 19 से 23 मई के बीच प्रदेश में गर्मी और बढ़ सकती है। तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। लोगों को ज्यादा पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दी गई है।
योगी सरकार ने अफसरों को फील्ड में उतारा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया है। एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शहरों में राहत के अलग-अलग इंतजाम
भीषण गर्मी से राहत देने के लिए कई शहरों में प्रशासन ने विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। कानपुर में सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया गया, जबकि प्रयागराज में घोड़ों के अस्तबल में कूलर लगाए गए। गोरखपुर चिड़ियाघर में हाथियों और अन्य जानवरों को बार-बार नहलाया जा रहा है। तेज गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशुओं और पक्षियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
मानसून को लेकर भी अपडेट आया सामने
लखनऊ मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। अगर मौसम की मौजूदा स्थिति बनी रही तो 18 जून के आसपास मानसून गोरखपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने इसे संभावित अनुमान बताया है। तब तक प्रदेशवासियों को अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है।