मध्य प्रदेश के भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अब AIIMS दिल्ली की टीम दूसरा पोस्टमॉर्टम करेगी। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश देकर पूरे केस को फिर सुर्खियों में ला दिया। कोर्ट ने साफ किया कि दूसरा पोस्टमॉर्टम दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे, लेकिन प्रक्रिया भोपाल में ही पूरी होगी। इसके लिए डॉक्टरों को विशेष विमान से लाने की तैयारी की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब परिवार लगातार पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठा रहा था।
ट्विशा के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत को जल्दबाजी में आत्महत्या बताया गया, जबकि मामले में घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप मौजूद हैं। अब हाईकोर्ट के आदेश ने जांच की दिशा बदल दी है।
हाईकोर्ट ने बदला फैसला
ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा लंबे समय से दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि मौत की परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं और मामले की गहराई से फॉरेंसिक जांच जरूरी है। इससे पहले भोपाल की निचली अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि मध्य प्रदेश के बाहर दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति देना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। हालांकि शव को सुरक्षित रखने के निर्देश जरूर दिए गए थे। अब हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए नया आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए स्वतंत्र मेडिकल टीम द्वारा दोबारा पोस्टमॉर्टम जरूरी है।
शव सुरक्षित रखने को लेकर भी उठा बड़ा सवाल
मामले में सबसे बड़ी चिंता शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने को लेकर सामने आई। ट्विशा का शव 13 मई से भोपाल AIIMS की मॉर्च्युरी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को बताया था कि वहां तापमान केवल माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक ही रखा जा सकता है। इस तापमान पर शव को सीमित समय तक ही सुरक्षित रखा जा सकता है। भोपाल कोर्ट ने पहले ही अपने आदेश में कहा था कि लंबे समय तक शव संरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस की सुविधा जरूरी है। लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई थी। इसी वजह से मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई।
शादी के 5 महीने बाद मौत पर परिजन के आरोप
बता दें कि ट्विशा शर्मा ने करीब पांच महीने पहले भोपाल के वकील समर्थ सिंह से शादी की थी। बताया जाता है कि दोनों की मुलाकात डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। अब ट्विशा के परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। कटारा हिल्स थाने में FIR दर्ज हो चुकी है। मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है। गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी रह चुकी हैं। इसी वजह से परिवार लगातार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है।
परिजनों का कहना है कि प्रभावशाली पृष्ठभूमि के कारण जांच पर किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए और हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच होनी चाहिए।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों की राय ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
वरिष्ठ फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ डीके सतपथी ने पहले ही सुझाव दिया था कि इस मामले में सिर्फ जल्दबाजी में दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने के बजाय देशभर के विशेषज्ञों का मेडिकल बोर्ड बनना चाहिए। उन्होंने कहा था कि दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद और चंडीगढ़ जैसे शहरों के विशेषज्ञ पहले पोस्टमॉर्टम की स्वतंत्र समीक्षा कर सकते हैं। इससे जांच ज्यादा भरोसेमंद और तकनीकी रूप से मजबूत हो सकती है। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह मामला केवल एक आपराधिक जांच नहीं, बल्कि फॉरेंसिक पारदर्शिता और न्यायिक निष्पक्षता की बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।
सुनवाई में तुषार मेहता ने भी किया समर्थन
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग का समर्थन किया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य पहले पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों की क्षमता पर सवाल नहीं उठा रहा। उनका कहना था कि संवेदनशील मामले में अतिरिक्त फॉरेंसिक स्पष्टता और जनविश्वास बनाए रखना जरूरी है। अब पूरे मामले में नजर इस बात पर टिकी है कि दूसरे पोस्टमॉर्टम से क्या नए तथ्य सामने आते हैं और क्या ट्विशा शर्मा की मौत की असली वजह पर से पर्दा उठ पाता है।