त्विषा शर्मा मौत मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को 5 दिन की CBI रिमांड पर भेजा गया है। मामले की जांच अब तेज हो गई है और कड़ी पूछताछ जारी है।
भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच ने अब नया मोड़ ले लिया है। अदालत ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। इसके बाद मामले की जांच और तेज हो गई है। शुक्रवार को भारी सुरक्षा के बीच दोनों आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों एक ही कटघरे में मौजूद थे, जहां उनके बीच धीमी बातचीत भी देखी गई, जिससे माहौल और गंभीर हो गया। सीबीआई अब दोनों से आमने-सामने पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी कड़ी को समझा जा सके और साक्ष्यों को जोड़ा जा सके।
गिरफ्तारी और जांच की पूरी प्रक्रिया
सीबीआई ने गुरुवार को गिरिबाला सिंह को उनके भोपाल स्थित आवास से लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले उनसे सात घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई थी। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए विशेष कैंप में ले जाया गया। वहीं समर्थ सिंह को पिछली पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की सीबीआई हिरासत मिल गई। समर्थ सिंह को पहले भी 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था, जब वह कई दिनों तक फरार थे।
घटना से जुड़ा पूरा मामला
त्विषा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकी मिली थीं। इसके बाद परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले के बढ़ते दबाव के बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी, जिसके बाद अब जांच एजेंसी हर पहलू को गहराई से खंगाल रही है।
सबूत और फॉरेंसिक जांच पर फोकस
सीबीआई रिमांड के दौरान समर्थ सिंह को घटनास्थल पर भी ले जाया गया, जहां फॉरेंसिक टीम ने कई घंटों तक जांच की। टीम ने फोटो, वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पूरे घटनाक्रम को रीक्रिएट करने की कोशिश की। दिल्ली से आई फॉरेंसिक टीम ने घर के अंदर मौजूद परिस्थितियों और 12 मई की रात की गतिविधियों को समझने के लिए गहन जांच की है। अब सीबीआई का फोकस उन बयानों और साक्ष्यों को मिलान करने पर है, जिससे यह साफ हो सके कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
आगे की जांच में क्या होगा
अब आने वाले दिनों में दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जाएगी और नए साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। सीबीआई यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला केवल घरेलू विवाद था या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश भी शामिल थी। जांच एजेंसी के अगले कदमों पर अब पूरे मामले की दिशा निर्भर करेगी।