शिवपुरी के करैरा स्थित बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में महंत और पुजारी के बीच विवाद हिंसक हो गया। लाठीबाजी में 5 लोग घायल हुए, मंदिर की आय और कब्जे को लेकर बढ़ा तनाव।
शिवपुरी जिले के करैरा में स्थित प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर शनिवार रात अचानक रणभूमि में बदल गया। मंदिर के महंत और राम जानकी मंदिर के पुजारी भोला पंडित के बीच चल रहा विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर लाठीबाजी हुई। इस घटना में पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए करैरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मामला सिर्फ आपसी कहासुनी तक सीमित नहीं था। मंदिर की व्यवस्था, कब्जे और आय को लेकर कई दिनों से तनाव बना हुआ था। शनिवार को इसी विवाद को सुलझाने के लिए बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बात उलटी पड़ गई और देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया।
मंदिर की आय और कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद
दरअसल, बगीचा सरकार हनुमान मंदिर और उससे जुड़े राम जानकी मंदिर को लेकर लंबे समय से अंदरूनी खींचतान चल रही थी। बताया जा रहा है कि पुजारी भोला पंडित ने पहले एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए करीब 21 लाख रुपए दान दिए थे। इसके बाद से भोला पंडित ने राम जानकी मंदिर की व्यवस्था अपने हाथ में ले ली। आरोप है कि मंदिर से होने वाली आय भी वही अपने पास रखने लगे। इसी बात को लेकर मंदिर के महंत लगातार विरोध कर रहे थे। यही सवाल अब इलाके में भी उठ रहा है कि आखिर मंदिर की व्यवस्था को लेकर विवाद इतना बड़ा कैसे हो गया।
बैठक के दौरान बिगड़ा माहौल
शनिवार को दोनों पक्षों के बीच समझौते और चर्चा के लिए बैठक रखी गई थी। शुरुआत में बातचीत सामान्य बताई जा रही थी, लेकिन कुछ देर बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बहस तेज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद अचानक हिंसक हो गया और लाठियां चलने लगीं। मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की।
पांच लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
लाठीबाजी की इस घटना में पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत करैरा के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल किसी की हालत गंभीर बताई नहीं गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आस्था के केंद्र में इस तरह की हिंसा ने सभी को हैरान कर दिया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
पुलिस जांच में जुटी, आगे क्या होगा?
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि मंदिर विवाद का समाधान कैसे निकलेगा और क्या प्रशासन इस मामले में कोई बड़ा कदम उठाएगा। करैरा में यह घटना देर रात तक चर्चा का विषय बनी रही।