मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दिल दहलाने वाली वारदात हुई। दस दिन के भीतर एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया। सभी मौतों की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
रिंकू जैन, शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक ही परिवार के चार मासूम देखते ही देखते महज दस दिन के भीतर काल के गाल में समा गए। जिन मासूमों को मौत हुई है उनमें तीन बच्चे एक ही माता पिता की संतान है। वहीं, एक मृतक ममेरा भाई बताया जा रहा है। घटना के बाद से परिवार सदमे में है। वहीं,पुलिस जांच कर रही है।
दरअसल, 21 अगस्त को अचानक दो बच्चों की हालत बिगड़ी जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान ही एक के बाद एक तीन दिन के अंतराल में दोनों बच्चों की मौत हो गई। पहले पीड़ित परिवार को लगा की घटना किसी अज्ञात बीमारी के चलते हुई होगी। लेकिन 31 अगस्त वाले दिन जब दो मौतें और हुईं तो सबकी रूह कांप उठी। इसके बाद मामला शहर सहित जिले भर में अब चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि चार मौतों के बाद भी पुलिस प्रशासन के अधिकारी इस पूरे मामले से अनभिज्ञ बने हुए हैं।
झरने के पास घूमने गया हुआ था परिवार
जानकारी के अनुसार, तनवीर अहमद पुत्र मुन्नावावू अहमद, निवासी सईसपुरा शिवपुरी, चिल्ली खान सहित लगभग आधा दर्जन परिवार 16 अगस्त वाले दिन गौरा टीला क्षेत्र में एक झरने पर घूमने के लिए गए हुए थे। बताया जाता है कि यहां से लौटने के बाद में एकाएक ताहिर अहमद पुत्र तनवीर अहमद (14 साल), अजाज खान पुत्र चिल्ली खान(19) के पेट में दर्द हुआ। देखते ही देखते दोनों की हालत बिगड़ने लगी, जिन्हें उपचार हेतु एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
निजी अस्पताल में बिगड़ी हालत फिर रास्ते में मौत
21 अगस्त वाले दिन जब ताहिर की हालत और अधिक बिगड़ी तो उसे निजी अस्पताल से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। ठीक इसी प्रकार अजाज खान को 23 अगस्त वाले दिन निजी अस्पताल से ग्वालियर रेफर किया गया। जहां रास्ते में अजाज की भी मौत हो गई।
मौत से उबरे नहीं की बाकी की बिगड़ी हालत
दो मौतों के बाद पीड़ित परिवार सदमे से बाहर भी नहीं निकल पाया था। इसी दौरान, तनवीर अहमद के दो मासूम पुत्र चिंटू (08साल), पप्पू (11साल ) की हालत बिगड़ गई। बताया जाता है कि इन दोनों बच्चों को तेज बुखार आया था, दोनों बच्चों का उपचार डॉक्टर निशार अहमद के द्वारा किया गया। हालत में सुधार न होने पर इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, बताया जाता है कि तीन दिन जिला अस्पताल में दोनों बच्चों की हालत में सुधार न होने पर इन्हें रविवार के दिन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 31 अगस्त सोमवार के दिन पप्पू की उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में मौत हो गई जबकि चिंटू को ग्वालियर रेफर कर दिया गया जहां रात्रि के समय चिंटू ने भी दम तोड़ दिया।
एक के बाद एक काल के गाल में समाए चार बच्चे
बताया जाता है कि गोरा टीला के जिस झरने पर परिवार सहित बच्चे नहाने के लिए गए थे। उस झरने के आसपास खेत हैं जिनमें दवाई डाली गई थी। माना जा रहा है कि खेतों में डाली गई दवाई का पानी बारिश के चलते झरने तक पहुंचा और झरने का पानी बच्चों की पेट तक पहुंच गया। इसके चलते उनकी हालत बिगड़ती चली गई और उनकी मौत हो गई। लेकिन इस पूरे मामले का दूसरा पहलू यह भी है कि पप्पू और चिंटू जिनकी मौत हुई है वह झरने पर नहाने के लिए नहीं गए थे। बावजूद इसके उन दोनों की भी मौत हो चुकी है। फिलहाल चारों मौतों का रहस्य बना हुआ है। लेकिन एक के बाद एक हुई चार मौतों के बाद अब पुलिस प्रशासन हरकत में आता हुआ दिखाई दे रहा है।
नहीं की कोई शिकायत
शिवपुरी में एक के बाद एक हुई चार मौतों के बाद जहां शहर भर में शोक की लहर दिखाई दे रही है वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार द्वारा इस पूरे मामले की किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की गई है, लेकिन जैसे ही चार मौतों की खबर शहर में फैली तो पुलिस प्रशासन अब हरकत में आता हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जाता है कि मंगलवार की दोपहर मौतों की जानकारी लगते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची जिसके द्वारा जानकारी जुटा जा रही है।