शाजापुर कलेक्टर को हाईकोर्ट की तीसरी फटकार। कर्मचारी की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश पर स्टे, 15 दिन में हलफनामा देने का निर्देश।
शाजापुर: मध्य प्रदेश के Shajapur जिले की कलेक्टर को हाईकोर्ट से एक बार फिर सख्त फटकार मिली है। Madhya Pradesh High Court की इंदौर खंडपीठ ने सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश पर स्थगन (स्टे) दे दिया है और कलेक्टर को 15 दिन के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने को कहा है।
बिना जांच के आदेश पर उठे सवाल
मामला कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी जयंत बघेरवाल की दो वेतनवृद्धि रोकने से जुड़ा है। कलेक्टर ने फरवरी 2025 में बिना विभागीय जांच के दो आदेश जारी करते हुए उनकी वेतन वृद्धि रोक दी और उन्हें एसडीएम कार्यालय गुलाना अटैच कर दिया।हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि कलेक्टर ने बिना पर्याप्त आधार के आदेश पारित किए और नियमों का पालन नहीं किया।
कोर्ट ने मांगा जवाब, अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल
न्यायालय ने कलेक्टर से पूछा है कि उन्होंने किन नियमों के तहत बिना जांच के यह कार्रवाई की। कोर्ट ने आदेश में कहा कि यह अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन प्रतीत होता है। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश Justice Jaykumar Pillai ने कलेक्टर के आदेशों पर सख्त टिप्पणी करते हुए प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
तीसरी बार लगी फटकार, पहले भी आए थे मामले
यह पहली बार नहीं है जब कलेक्टर को हाईकोर्ट से फटकार मिली हो। इससे पहले भी दो मामलों में अदालत ने कड़े रुख अपनाए थे, जिनमें भूमि विवाद और एक आबकारी अधिकारी के निलंबन का मामला शामिल है। ताजा आदेश के बाद अब इस पूरे प्रकरण में आगे की कार्रवाई कलेक्टर द्वारा पेश किए जाने वाले हलफनामे पर निर्भर करेगी।