सतना में फूड पॉइजनिंग से 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि परिवार के 3 लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। करेले की सब्जी, बेल का शरबत और दूषित पानी जांच के दायरे में।
सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक में फूड पॉइजनिंग का दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां सात साल के मासूम किशुन दहिया की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार हैं। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।परिवार के मुताबिक 20 मई की रात सभी लोगों ने घर में बनी करेले की सब्जी-रोटी खाई थी। इसके बाद बेल का शरबत पिया गया। देर रात अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे तेज उल्टी-दस्त होने लगे। कुछ ही देर में घर के अन्य सदस्य भी बीमार पड़ गए।
अस्पताल ले जाने से पहले बच्चे ने तोड़ा दम
मृतक बच्चे के दादा बाबूलाल दहिया ने बताया कि सुबह तक हालत इतनी बिगड़ गई कि परिवार अस्पताल ले जाने की तैयारी ही कर रहा था, तभी सात वर्षीय किशुन ने घर में ही दम तोड़ दिया।घटना के बाद परिवार के अन्य सदस्यों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें निजी नर्सिंग होम में शिफ्ट किया गया। मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर दिव्यंत गुप्ता ने बताया कि यह गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला है। सभी मरीज सीवियर डायरिया और डिहाइड्रेशन से पीड़ित हैं।डॉक्टरों के मुताबिक समय पर इलाज मिलने से कुछ मरीजों की हालत में सुधार हुआ है, लेकिन दो लोगों की स्थिति अब भी चिंताजनक है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में तैनात कर दी गई है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि गर्मी में बासी भोजन न खाएं और कुएं का पानी उबालकर या छानकर ही इस्तेमाल करें।साथ ही खेतों और बाड़ियों में कीटनाशक छिड़काव के बाद सब्जियों का तुरंत उपयोग न करने की सलाह भी दी गई है।