भोपाल के संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिला है। जबलपुर जोन के 14 स्टेशन अपग्रेड हुए हैं, जिससे यात्री सुविधाएं और कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में एक नया जंक्शन का दर्जा संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन को आधिकारिक रूप से मिल गया है। रेल मंत्रालय से आदेश जारी होने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। यह भोपाल के बाद दूसरा जंक्शन होगा। बता दें कि इस स्टेशन से तीन दिशाओं विदिशा, उज्जैन और भोपाल मंडल की ट्रेनें गुजरती है। इसलिए जंक्शन घोषित किया गया है।
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि संत हिरदाराम स्टेशन को जंक्शन का दर्जा घोषित करने का आदेश जारी हो गया है। पहले ये स्टेशन रतलाम मंडल में था, जिसे वहां से हटाकर भोपाल मंडल के डीआरएम में शामिल किया गया था। दो साल पहले बैरागढ़ स्टेशन का नाम बदलकर संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन किया गया। वर्तमान में अमृत स्टेशन योजना में इस अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया, जहां निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है।
विधायक शर्मा ने माना आभार
इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री मोहन यादव और भोपाल सांसद आलोक शर्मा का आभार जताया है। उन्होंने कहाकि यह हुजूर विधानसभा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक सौगात है। दूसरा जंक्शन बनने से संत हिरदाराम नगर की व्यापारिक पहचान को मजबूती मिलेगी और कई क्षेत्रों से सीधा कनेक्टिविटी होगी।
इसलिए बनया जंक्शन, क्षेत्र को फायदा
- संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन को जंक्शन केरूप में परिवर्तित करने का अर्थ है कि वहां कम से कम तीन अलग-अलग दिशाओं से रेल मार्ग आकर मिलते हैं। इससे यात्रियों और क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी कई गुना बढ़ जाती है। ट्रेनों की आवाजाही आसान होती है और शहर का वाणिज्यिक व आर्थिक विकास तेजी से होता है।
- यात्रियों को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए सीधे विकल्प मिलते हैं। वे बिना किसी परेशानी के एक मार्ग से उतरकर दूसरी दिशा में जाने वाली ट्रेन पकड़ सकते हैं। जंक्शन बनने से ट्रेनों की संख्या और उनके फेरे बढ़ जाते हैं।
- कई सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें जो पहले छोटे स्टेशनों से गुजर जाती थीं, उन्हें जंक्शन पर ठहराव दिया जाएगा।
- जंक्शन बनने से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलता है। स्टेशन के आसपास होटल, रेस्टोरेंट और परिवहन सेवाओं का विस्तार होता है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
- रेलवे के नियमों के अनुसार, जंक्शनों को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। नतीजतन, वहां उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म, वाई-फाई, लिफ्ट, एस्केलेटर, और बेहतर प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक यात्री सुविधाएं विकसित की जाती हैं।
- जंक्शन स्टेशनों पर ट्रेनों की शंटिंग, री-रूटिंग और रखरखाव के लिए बेहतर ट्रैक प्रबंधन यानि यार्ड होता है, जिससे ट्रेनों के संचालन में सटीकता आती हैं।
जबलपुर जोन के भी स्टेशनों के जक्शन घोषित
रेल मंत्रालय ने पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर जोन के 14 रेलवे स्टेशनों को जंक्शन घोषित कर दिया है। इसमें भोपाल मंडल के तीन स्टेशन तलवडिय़ा, रूठियाई और संत हिरदाराम नगर शामिल है। जोन के उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक देवेश कुमार सोनी के हवाले जारी अधिसूचना के अनुसार जबलपुर जोन में भोपाल, जबलपुर और कोटा मंडल के 14 रेलवे स्टेशनों को नए जंक्शन के रूप में घोषित किया गया है।
इनमें जबलपुर मंडल के कटनी साउथ, कटनी मुडवाड़ा, कैमा, सागमा, बंसापहार, बीना मालीखेड़ी, कंटगी खुर्द और काछपुरा शामिल है। इसी तरह भोपाल मंडल में तलवडिय़ा, रूठियाई और संत हिरदाराम नगर और कोटा मंडल के गंगापुर सिटी, रामगंज मंडी और गुरला स्टेशन शामिल है।
अब ये सभी रेलवे स्टेशन जंक्शन के रूप में जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि उक्त स्टेशनों पर जंक्शन की सारी सुविधाएं अब मिलने लगेगी। इससे क्षेत्रीय विकास बढ़ेंगा।