भोपाल में 27 मई से सदानीरा समागम शुरू होगा। नौ देशों के राजदूत, इसरो वैज्ञानिक और बड़े कॉर्पोरेट समूह जल संरक्षण व पर्यावरण पर मंथन करेंगे।
मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ, जल संरचनाओं के संरक्षण पर होगा विचार-विमर्श
सदानीरा समागम में नौ देशों के राजदूत शामिल होंगे। यह कार्यक्रम राजधानी भोपाल के भारत भवन में आयोजित होगा। 2 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ 27 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शाम 7 बजे होगा। इसरो हैदराबाद के समूह निदेशक भू-विज्ञान डॉ. ईश्वरचंद दास इसकी अध्यक्षता करेंगे।महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक व वीर भारत न्याय के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस सात दिवसीय समागम में देश-विदेश के विद्वान, वैज्ञानिक, कलाकार, पर्यावरणविद् और नीति-निर्माता सहभागी होंगे। समागम में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, वेनेजुएला, मैक्सिको, सूरीनाम, इक्वाडोर, साइप्रस और नेपाल सहित कई देशों के राजदूत शामिल रहेंगे।
भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि पर आधारित विभिन्न सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में जल संरक्षण, भूगर्भीय जल स्रोत, पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान पर विशेषज्ञ विमर्श होगा। देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं जैसे इसरो, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, आईआईएम बोधगया तथा विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों के CSR प्रमुख भी सहभागी होंगे।
समारोह में होंगी नृत्य-नाटिकाएँ, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियाँ
समारोह में प्रतिदिन नृत्य-नाटिकाएँ, लोकगायन, रंगमंचीय प्रस्तुतियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, गोवर्धन लीला, गंगा यात्रा, अमृतमय, नदी गीत, पानी नामा, लघुशंका नगर, जल प्रवाह, नर्मदे हर, स्वानलेक, क्रिटिकल पॉइंट, “नर्मदा का हर कंकर शंकर” तथा दक्षिण कोरिया की मूट डांस कंपनी की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और बघेलखंड की लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी।
एक मंच पर जुटेंगे कई बड़े समूह
यह पहला अवसर होगा जब इसरो, जेके ट्रस्ट, एचयूएल फाउंडेशन, जेके सीमेंट, जेएसडब्ल्यू, टाटा ट्रस्ट, एमडीएल, आईजीआरएमएस, हीरो फ्यूचर एनर्जीज, ओएनजीसी, हिन्दुस्तान पावर, वेदांता ग्रुप और टाटा संस जैसे संगठनों के प्रतिनिधि जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर एक मंच पर आएंगे।
उज्जैन में 25 मई से शुरू होंगे कार्यक्रम
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा उज्जैन में 25 और 26 मई को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा आयोजित की जा रही है, जिसमें लोक गायिका Maithili Thakur सहित कई लोकप्रिय कलाकार प्रस्तुति देंगे।25 मई को परिक्रमा रामघाट से शुरू होकर नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार, प्रशांतिधाम, शनि मंदिर से होते हुए दत्त अखाड़ा घाट पहुंचेगी। रात्रि विश्राम के बाद गंगा दशमी पर यह परिक्रमा रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़, सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका और गोपाल मंदिर से होते हुए पुनः रामघाट पहुंचेगी।मुख्यमंत्री 300 फीट की चुनरी मां शिप्रा को अर्पित करेंगे। इसी क्रम में 26 मई को भारतीय नौसेना बैंड की प्रस्तुति, मुंबई के केशवम बैंड द्वारा भजन प्रस्तुति तथा मैथिली ठाकुर एवं उनके साथियों द्वारा भजनों का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
प्रवाह फिल्म समारोह भी होगा आयोजित
28 मई से 2 जून तक भारत भवन के अभिरंग में “प्रवाह फिल्म समारोह” का आयोजन किया जाएगा। इसमें हिन्दी और अंग्रेजी भाषाओं की 15-15 जल केंद्रित फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इन फिल्मों में जल संकट, गंगा नदी, जल डाकू, “जब हर एक बूंद मायने रखती है”, “खतरे में नदियाँ” और “आखिरी बूंद” जैसी फिल्में प्रमुख रूप से शामिल हैं।