अयोध्या में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर विशेष पूजा, 56 भोग और सरयू की 5051 बत्ती की महाआरती का आयोजन हुआ। पूरे दिन रामनगरी भक्तिमय माहौल में डूबी रही।
Ram Mandir Ayodhya में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ मंगलवार को बेहद श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई जा रही है। सुबह मंगला आरती के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जबकि दिनभर विशेष पूजा, अभिषेक, 56 भोग और सांस्कृतिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा।
रामनगरी अयोध्या में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी। मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भावनात्मक आस्था का बड़ा अवसर बन गया है।
सुबह 4 बजे मंगला आरती से शुरू हुआ उत्सव
मंगलवार सुबह करीब 4 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी का अभिषेक किया गया। इस दौरान संत-महंत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। दरअसल, राम दरबार का विशेष श्रृंगार भी किया गया है। अभिषेक के बाद भगवान को पीतांबर वस्त्र धारण कराए गए।
मंदिर परिसर में घंटों, शंख और घड़ियाल की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। फिलहाल राम मंदिर के प्रथम तल पर बने राम दरबार में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
दोपहर में लगेगा 56 भोग, होगी सांस्कृतिक प्रस्तुति
दोपहर में भगवान श्रीराम को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। इसके साथ कथा व्यास सत्यनारायण दास और शिवम पांडेय राम कथा और श्रीराम की लीलाओं का वर्णन करेंगे। यही नहीं, दक्षिण भारत से आए कलाकार विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे।
ऐसे में आयोजन को अखिल भारतीय धार्मिक स्वरूप देने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। राम मंदिर ट्रस्ट और आयोजन समिति का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम देशभर के श्रद्धालुओं को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से जोड़ने का काम करते हैं।
शाम को सरयू की 5051 बत्ती की महाआरती
शाम के समय Saryu River तट पर 5051 बत्ती की भव्य महाआरती की जाएगी। इसके अलावा शाम 5 बजे से 7 बजे तक भजन संध्या और फूल बंगला झांकी का आयोजन भी होगा।
आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास के मुताबिक गंगा दशहरा के अवसर पर इस वर्षगांठ को विशेष रूप से मनाने का निर्णय लिया गया। ऐसे में सरयू घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को भी बढ़ाया गया है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
पिछले साल हुई थी प्राण प्रतिष्ठा
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, पिछले वर्ष 5 जून 2025 को गंगा दशहरा और ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के अवसर पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। हालांकि, इस बार पंचांगों में तिथि को लेकर मतभेद की स्थिति बनी थी। बाद में धार्मिक मान्यताओं और निर्णय सिंधु के आधार पर गंगा दशहरा के दिन ही पहली वर्षगांठ मनाने का फैसला लिया गया।
राम दरबार रामलला के गर्भगृह के ऊपर प्रथम तल पर स्थापित है, जहां भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की मूर्तियां विराजमान हैं। वहीं 29 मई को राम मंदिर परिसर स्थित मां दुर्गा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें साध्वी Sadhvi Ritambhara मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।