रायपुर में पानी विवाद के बाद पार्षद और उसके साथियों पर मोनेट कंपनी के ऑपरेटर की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने रेत में दफन शव बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
रायपुर में मामूली विवाद ने एक युवक की जान ले ली। पानी को लेकर शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि मोनेट कंपनी में काम करने वाले ऑपरेटर की हत्या कर दी गई और शव को महानदी किनारे रेत में दफना दिया गया। इस मामले में पुलिस ने एक निर्दलीय पार्षद समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
शराब पार्टी में शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार भुवनेश्वर यादव 22 मई की रात मंदिर हसौद इलाके में दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। वहीं निर्दलीय पार्षद नोहर दास रात्रे भी मौजूद था। इसी दौरान मोहल्ले में पानी की समस्या को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई। आरोप है कि नशे की हालत में भुवनेश्वर ने पार्षद को थप्पड़ मार दिया। यहीं से मामला हिंसक हो गया और बाद में इसे बदले की कार्रवाई में बदल दिया गया।
कार में ले जाकर की गई पिटाई
आरोप है कि विवाद के बाद पार्षद ने अपने दो साथियों अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे के साथ मिलकर भुवनेश्वर को कार में बैठाया। इसके बाद उसे महासमुंद इलाके की तरफ ले जाया गया, जहां चलती कार और बाद में सुनसान जगह पर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। मारपीट में गंभीर चोट लगने के कारण भुवनेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई।
सबूत मिटाने के लिए रेत में दफनाया शव
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने एक रिश्तेदार की मदद से महानदी किनारे गड्ढा खोदकर शव को रेत में दबा दिया। कई दिनों तक परिवार युवक की तलाश करता रहा और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस को जांच के दौरान युवक की आखिरी लोकेशन और संदिग्धों की जानकारी मिली, जिसके बाद मामला खुलता चला गया।
पूछताछ में खुला पूरा राज
पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती के बाद आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस टीम महासमुंद पहुंची और बताए गए स्थान पर खुदाई कर शव बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस ने हत्या, सबूत मिटाने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे जांच जारी है।