बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। 139 मिलीमीटर बारिश के बाद गुरुवार सुबह पूरनागिरी मोहल्ले में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया।
हिमांशु सिंह,सीतापुर: बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। 139 मिलीमीटर बारिश के बाद गुरुवार सुबह पूरनागिरी मोहल्ले में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। करीब तीन हजार घरों के आसपास बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक घुटनों तक गंदा पानी भर गया। लोगों को घरों से निकलने और जरूरी काम के लिए आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नालियां और शौचालय चोक होने से हालात और विकट हो गए।
पुरानी है जलभराव समस्या
मोहल्ले में जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार बारिश के दौरान घरों और गलियों में पानी भर जाता है। कई बार शिकायत करने और अधिकारियों के सामने समस्या रखने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका। लोगों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से हर बार जलभराव से निजात दिलाने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन बारिश आते ही पुरानी समस्या फिर सामने खड़ी हो जाती है।
रहवासियों का आरोप
मोहल्ले में बारिश के पानी की निकासी के लिए चेंबर बनाया गया है। पानी निकालने के लिए दो इलेक्ट्रिक पंप और तीन पंप सेट की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब तीन दिन पहले प्रशासन की ओर से जनरेटर और पंप सेट हटा दिए गए। इसके बाद इलेक्ट्रिक मोटर भी बंद हो गई। तेज बारिश के बाद जब हजारों घरों और गलियों का पानी एक साथ जमा हुआ तो उपलब्ध निकासी व्यवस्था जवाब दे गई।
एक पंप के सहारे रहवासी
फिलहाल एक पंप सेट के सहारे पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन करीब तीन हजार घरों से निकलने वाले पानी के मुकाबले यह इंतजाम बेहद कम साबित हो रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पर्याप्त संख्या में पंप और जनरेटर उपलब्ध होते तो जलभराव की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता था। मोहल्ले की सड़कों पर गंदा पानी भरने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। कई जगह लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। जलभराव के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी की निकासी नहीं होने से घरों के आसपास लंबे समय तक पानी जमा रहने का खतरा बना हुआ है। नालियों के चोक होने के कारण गंदा पानी भी सड़कों पर फैल गया है।
गंभीर स्थिति देख मौके पर पहुंचे डीएम
जलभराव की गंभीर स्थिति की सूचना मिलने पर डीएम राजा गणपति आर. के साथ एसडीएम और प्रभारी ईओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मोहल्ले का जायजा लिया और पानी निकासी की व्यवस्था देखी। डीएम ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के साथ ही पंप और जनरेटर हटाए जाने की बात भी अधिकारियों के सामने रखी। डीएम ने लोगों को जल्द जलभराव की समस्या से राहत दिलाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों को मौके पर पानी निकासी की व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि जमा पानी को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
क्या कहते है रहवासी?
बारिश थमने के बाद भी पूरनागिरी मोहल्ले में जलभराव बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बारिश के दौरान पंप लगाकर पानी निकालना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। हर साल बारिश से पहले जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की जरूरत है, ताकि तेज बारिश होते ही मोहल्ला जलमग्न न हो।
स्थायी जलनिकासी की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरनागिरी मोहल्ले की जलनिकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान कराया जाए। नालियों की नियमित सफाई, पर्याप्त क्षमता वाले पंपों की व्यवस्था और जलनिकासी के चेंबर की क्षमता बढ़ाने के साथ ऐसी व्यवस्था की जाए कि भविष्य में बारिश का पानी घरों और सड़कों पर जमा न हो। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश में होने वाली परेशानी से अब उन्हें स्थायी निजात चाहिए, केवल आश्वासन नहीं।