संदना थाना क्षेत्र में किसान कमल किशोर की जान लेने वाली बाघिन को पकड़ने में वन विभाग का अभियान 11वें दिन भी बेनतीजा रहा।
हिमांशु सिंह, सीतापुर: संदना थाना क्षेत्र में किसान कमल किशोर की जान लेने वाली बाघिन को पकड़ने में वन विभाग का अभियान 11वें दिन भी बेनतीजा रहा। लगातार कॉम्बिंग, थर्मल ड्रोन और ट्रैप कैमरों की निगरानी के बावजूद बाघिन का कोई सुराग नहीं मिला। अब वन विभाग ने रणनीति बदलते हुए उसके नए मूवमेंट वाले क्षेत्रों में दो नए पिंजरे लगाने का फैसला किया है।
बाघिन बदल रही अपना मूवमेंट
डीएफओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने रसूलवा, शेरपुर, गंधौरिया, बिजुआमऊ समेत आसपास के खेतों और जंगलों में घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि न तो बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले और न ही वह किसी ट्रैप कैमरे में कैद हुई। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन करीब 10 किलोमीटर के दायरे में लगातार अपना मूवमेंट बदल रही है, जिससे उसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
पिंजरों की बदली लोकेशन
वन विभाग ने रसूलवा गांव में लगाए गए पुराने पिंजरे को हटाकर नए संभावित स्थान पर स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही दो नए पिंजरे भी ऐसे इलाकों में लगाए जाएंगे, जहां बाघिन की मौजूदगी की आशंका है। विभाग का दावा है कि अभियान चौबीसों घंटे जारी है और विशेषज्ञ टीम हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है।
बाघिन के दहशत में ग्रामीण
उधर, बाघिन की दहशत से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। लोग खेतों में जाने से कतरा रहे हैं, पशुओं के लिए चारा लाना मुश्किल हो गया है और अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द बाघिन को पकड़ने और क्षेत्र में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लगातार नाकामी से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।