भारी बारिश से राजधानी में 300 बिजली फीडर क्षतिग्रस्त, कई इलाकों में 6 घंटे तक बिजली गुल। बिजली विभाग ने रात भर काम करके आपूर्ति बहाल की।
300 फीडरों पर बिजली सप्लाई नेटवर्क ठप, कई इलाकों में 6 घंटे तक बिजली गुल
भीषण गर्मी और उमस से परेशान राजधानी के लोगों को गुरुवार शाम मौसम बदलने से राहत तो मिली, लेकिन इसके साथ ही घंटों अंधेरे की परेशानी भी झेलनी पड़ी। शहर में 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी और झमाझम बारिश के कारण बिजली विभाग के करीब 300 फीडर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे कई इलाकों में छह घंटे से अधिक समय तक बिजली सप्लाई बंद रही और शहर के बड़े हिस्से में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई। वहीं, करीब 200 स्थानों पर सैकड़ों पेड़ और टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भोपाल शहर में करीब दो घंटे तक चली आंधी और बारिश के कारण लगभग 300 फीडर पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हुए। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन से बिजली ढांचे को कई स्थानों पर गंभीर क्षति पहुंची, जिसमें बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और ओवरहेड लाइनें शामिल हैं।
बारिश कम होने के बाद बिजली विभाग के जीएम, एजीएम, इंजीनियरों और कर्मचारियों की एक दर्जन से अधिक टीमें अलग-अलग जोन में प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और क्षतिग्रस्त फीडरों की मरम्मत का काम शुरू किया। इसके बाद विभिन्न इलाकों में चरणबद्ध तरीके से बिजली सप्लाई बहाल की गई। काफी मशक्कत के बाद पुराने और नए शहर की 200 से अधिक कॉलोनियों में रात 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
75 प्रतिशत फीडरों की सप्लाई बहाल
बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने पूरी रात काम करते हुए लगभग 75 प्रतिशत फीडरों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। वहीं नगर निगम का अमला भी सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए देर रात तक जुटा रहा। हालांकि चार इमली, 74 बंगला, शाहपुरा और अरेरा कॉलोनी जैसे कुछ इलाके इस अप्रत्याशित तूफान के प्रभाव से अपेक्षाकृत सुरक्षित रहे, लेकिन शहर के कई अन्य हिस्सों में बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। करीब 40 प्रतिशत से अधिक इलाकों में मध्यरात्रि के बाद ही बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी।
आपूर्ति सामान्य करने के लिए युद्ध स्तर पर काम
बिजली वितरण कंपनी ने युद्ध स्तर पर मरम्मत और बहाली कार्य चलाकर बिजली आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी करते रहे और फील्ड टीमों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
"बिजली वितरण कंपनी ने युद्ध स्तर पर मरम्मत एवं बहाली कार्य के साथ ही बिजली आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया। मैं स्वयं लगातार आधी रात तक मॉनिटरिंग करता रहा। हमने सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।"
- ऋषि गर्ग, सीएमडी, बिजली वितरण कंपनी