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MP High Blood Pressure Cases Rising Among Youth

NFHS-6 रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में बढ़ रहा हाई BP का खतरा, कम उम्र के लोग भी हो रहे शिकार

सरकारी स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ रही है। कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है।


nfhs-6 रिपोर्ट मध्य प्रदेश में बढ़ रहा हाई bp का खतरा कम उम्र के लोग भी हो रहे शिकार

NFHS-6 | AI IMGE

भोपाल। मध्य प्रदेश में हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) तेजी से उभरती स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है।  भारत सरकार की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्टों और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़े संकेत देते हैं कि प्रदेश में बड़ी संख्या में वयस्क उच्च रक्तचाप की समस्या से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी, बढ़ता मोटापा, तनाव और असंतुलित खानपान इसके प्रमुख कारण हैं।

महिलाओं और पुरुषों दोनों में बढ़ी समस्या

स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार मध्य प्रदेश में महिलाओं और पुरुषों दोनों वर्गों में हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट बताती है कि पहले की तुलना में अब अधिक लोग उच्च रक्तचाप की श्रेणी में आ रहे हैं या इसके लिए दवा ले रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि हाई BP को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते, लेकिन लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रहा जोखिम

रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलता है कि उच्च रक्तचाप अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी कम उम्र के वयस्कों में इसके मामले बढ़ रहे हैं डॉक्टरों का कहना है कि देर रात तक जागना, जंक फूड का बढ़ता सेवन, धूम्रपान, शराब का उपयोग, तनावपूर्ण जीवनशैली और नियमित व्यायाम की कमी युवाओं में हाई BP के जोखिम को बढ़ा रहे हैं।

हृदय रोगों का बड़ा कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हाई BP देश में हृदय संबंधी बीमारियों का प्रमुख जोखिम कारक है। यदि समय पर इसकी पहचान और नियंत्रण नहीं किया जाए तो हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है मध्य प्रदेश में गैर-संचारी रोगों (NCDs) की बढ़ती चुनौती के बीच हाई BP के मामलों में वृद्धि स्वास्थ्य तंत्र के लिए भी बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

नियमित जांच पर जोर

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए। साथ ही नमक का सीमित सेवन, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और तनाव प्रबंधन जैसी आदतें अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बढ़ते हाई BP के मामलों पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में हृदय रोग और स्ट्रोक के मामलों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसलिए जागरूकता अभियान, नियमित स्क्रीनिंग और शुरुआती उपचार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। 

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