बैतूल के कुकरू में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया और विभिन्न सामाजिक प्रथाओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कुकरू में लगाई रात्रि चौपाल, कहा- कोई परेशान करे तो मुझे बताएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बैतूल के प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के कामों में यदि किसी भी विभाग के कर्मचारी या अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार से परेशान किया जाता है, तो वे निसंकोच होकर उन्हें बताएं।
चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की आत्मीयता
डॉ. यादव की सहजता से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने स्थानीय कोरकू भाषा में पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी 'गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो' भजन सुनाकर सभी का मन मोह लिया। रात्रि चौपाल में गंदलो सुसुम कोरकू दल के 21 सदस्यीय तथा होलेरा नृत्य दल के 19 सदस्यीय दल ने पारंपरिक जनजातीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया।इस अवसर पर श्रीमती शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर भाई के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्चों से बचने तथा सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को भी समाज में हतोत्साहित करने का आह्वान किया।डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों के बड़े समूहों को सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जोड़कर रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
सिंहस्थ के लिए तेजी से चल रही है तैयारी
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में 'सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प' विषय पर आयोजित एक वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिंहस्थ-2028 को नव्य प्रारूप में भव्य, दिव्य और आध्यात्मिक बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। इसके लिए सभी प्रकार की तैयारियां तेजी से जारी हैं।डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन और इसके आसपास के सभी जिलों में वर्तमान में 25 हजार करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न श्रेणियों के अनेक विकास कार्य चल रहे हैं।