मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के भोपाल आगमन पर फीका स्वागत चर्चा का विषय बन गया। वहीं भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन दाखिल कर कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल खड़
मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में नामांकन प्रक्रिया के बीच राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। एक तरफ भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान शक्ति प्रदर्शन कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के भोपाल आगमन पर पार्टी कार्यालय में अपेक्षित उत्साह नजर नहीं आया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीनाक्षी नटराजन के स्वागत के लिए सीमित संख्या में नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। भाजपा ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि मीनाक्षी नटराजन ने साफ कहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी विधायक उनके साथ हैं।
क्यों चर्चा का विषय बना मीनाक्षी का स्वागत?
राज्यसभा उम्मीदवार घोषित होने के बाद मीनाक्षी नटराजन शनिवार को भोपाल पहुंचीं। यहां वह सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से मिलने गईं और उसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं। हालांकि, पार्टी कार्यालय में उनका स्वागत अपेक्षाकृत साधारण रहा। बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा। ऐसे में विपक्षी दल भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने का नया मुद्दा मिल गया।
मीनाक्षी नटराजन ने क्या कहा?
मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी विधायक उनके साथ हैं और पार्टी एक मजबूत राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल चुनाव नहीं बल्कि वैचारिक संघर्ष भी है। मीनाक्षी का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान वास्तविक स्थिति सभी के सामने आ जाएगी।
भाजपा ने कांग्रेस की एकजुटता पर उठाए सवाल
मीनाक्षी नटराजन के स्वागत को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उम्मीदवार चयन को लेकर उत्साह नहीं दिखाया है। दूसरी ओर भाजपा उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन से पहले भाजपा कार्यालय में विधायकों की बैठक आयोजित की गई।
तीसरी सीट को लेकर क्यों बढ़ी सियासी गर्मी?
राज्यसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा तीसरी सीट को लेकर हो रही है। भाजपा नेताओं के बयानों ने इस बहस को और तेज कर दिया है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि भाजपा के पास पर्याप्त समर्थन है और अगर पार्टी तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतारती है तो उसकी जीत सुनिश्चित होगी। हालांकि वास्तविक स्थिति मतदान और परिणामों के बाद ही स्पष्ट होगी।