Breaking News
  • H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर वसूलने का आदेश रद्द: कोर्ट बोला- ट्रम्प फीस के नाम पर टैक्स नहीं ले सकते
  • भारत ने पहली बार 12 परमाणु बम तैनात किए: 2 साल में देश के एटमी हथियार 180 से बढ़कर 190 हुए
  • मनी लॉन्ड्रिंग केस में सीएम हेमंत सोरेन को झटका, PMLA कोर्ट ने खारिज की याचिका

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

MP May Remove Two Child Rule For Govt Jobs

MP में सरकारी नौकरी के लिए हटेगी दो बच्चों की शर्त! मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला

मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की सीमा से जुड़ा प्रस्तावित नियम निरस्त होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पोर्टल से मसौदा हटाने के निर्देश दिए हैं।


mp में सरकारी नौकरी के लिए हटेगी दो बच्चों की शर्त मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला

MP News |

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय कर्मचारियों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम में शासकीय नौकरी में दो बच्चों की अधिकतम सीमा संबंधी प्रावधान वाले प्रारूप नियम को निरस्त कर दिया है। साथ ही पोर्टल से विलोपित करने के आदेश भी जारी किए हैं। 

गौरतलब है कि वर्ष 2001 में तत्कालीन राज्य सरकार के निर्णय पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दो से अधिक जीवित संतान होने पर उम्मीदवारों को शासकीय सेवाओं की सीधी भर्ती और विभागीय नियुक्तियों के लिए अपात्र घोषित करने का प्रावधान था। वर्ष 2001 की प्रचलित व्यवस्था के अनुसार मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के नियमों के तहत 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवार शासकीय सेवा के लिए अपात्र माने जाते थे तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत शासकीय सेवक के दो से अधिक बच्चे होने को कदाचार की श्रेणी में रखा गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस विषय पर संज्ञान लेते हुए सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिये है कि प्रस्तावित मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के प्रारूप को तत्काल निरस्त कर उसमें दो से अधिक जीवित संतान होने पर शासकीय सेवा में अपात्र माने जाने संबंधी प्रावधानों को विलोपित कर पुनः विधिवत यह नवीन प्रारूप प्रकाशित किया जाये। वर्तमान प्रारूप को तत्काल पोर्टल से हटाया जाए।

यह नियम सिर्फ सरकारी नौकरी में भर्ती तक सीमित नहीं था। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत दो से अधिक संतान होने पर शासकीय कर्मचारी के खिलाफ कदाचार की कार्रवाई का प्रावधान था। इस व्यवस्था को लेकर लंबे समय से बहस और आपत्तियां सामने आती रही हैं।

Related to this topic: