मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 70 हजार अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। GFMS पोर्टल पर दस्तावेज सत्यापन और प्रोफाइल अपडेट की प्रक्रिया आज से शुरू हुई।
भर्ती के लिए पोर्टल पर होंगे दस्तावेज सत्यापन
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने बुधवार से जीएफएमएस पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश में लगभग 9,000 से अधिक सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 70 हजार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है। विभाग की विषयवार सूची के अनुसार माध्यमिक शिक्षक वर्ग में अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषयों में सबसे अधिक पद खाली हैं।
शिक्षा विभाग के राज्य पोर्टल के अनुसार लगभग 4,000 हाई स्कूल और 5,000 से अधिक हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। भर्ती प्रक्रिया के संदर्भ में स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना मूल दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन के किसी भी अभ्यर्थी का स्कोर कार्ड जनरेट नहीं होगा।
जीएफएमएस पोर्टल में किए गए बदलाव
इस साल स्कूल शिक्षा विभाग ने पोर्टल में कई नए बदलाव किए हैं। इसमें पुराने अतिथि शिक्षकों को राहत दी गई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कार्य कर चुके अभ्यर्थी जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का अनुभव पोर्टल 3.0 पर दर्ज कर सकेंगे। विभाग ने बोर्ड और विश्वविद्यालय का नाम दर्ज करना भी अनिवार्य कर दिया है। जिन अभ्यर्थियों की एक से अधिक आईडी बनी हुई हैं, उन्हें 22 मई से 28 मई तक आईडी मर्ज करने का मौका मिलेगा। इसी अवधि में प्रोफाइल लॉक कराने और संकुल प्राचार्य से सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
भौतिक सत्यापन भी होगा अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने इस बार चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। पहले अभ्यर्थी केवल दस्तावेज सत्यापित कर अपलोड करता था, लेकिन इस बार अभ्यर्थियों को पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के बाद संकुल प्राचार्य से भौतिक सत्यापन कराना भी अनिवार्य किया गया है। प्राचार्य मूल दस्तावेजों से मिलान कर पोर्टल पर जानकारी की पुष्टि करेंगे। गलत जानकारी या अपूर्ण योग्यता पाए जाने पर आवेदन तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा।
पारदर्शी होंगी नियुक्तियां
मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाएगी।
- केके द्विवेदी, संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल।