वैश्विक तनाव के बीच मध्य प्रदेश से मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर समेत कई शहरों के हवाई किराए 25% तक महंगे, इंटरनेशनल टिकट में भी बड़ा उछाल।
भोपाल। वैश्विक तनाव का असर अब भारत में आम यात्रियों की जेब पर सीधे तौर पर दिखने लगा है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर हवाई किरायों पर पड़ा है।
देश की प्रमुख एयरलाइंस जैसे IndiGo और Air India ने लागत बढ़ने के कारण फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है। इसके बाद मध्य प्रदेश सहित देशभर में फ्लाइट टिकट 15 से 25 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं।
इंदौर से उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित
इंदौर से संचालित उड़ानों के किराए में औसतन 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ रूट्स पर यह बढ़ोतरी और अधिक है। इंदौर से मुंबई का किराया पहले जहां लगभग 4500 के आसपास था। अब बढ़कर करीब 6500 तक पहुंच गया है।
वहीं, कोलकाता रूट पर टिकट कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। यहां किराया 6500–7500 से बढ़कर 8500 से 12000 तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम प्रतिस्पर्धा और ज्यादा मांग के कारण इस रूट पर किराए में तेजी आई है।
कनेक्टिविटी में कमी से बढ़ी परेशानी
मार्च के अंत से लागू समर शेड्यूल के बाद इंदौर से कई शहरों के लिए सीधी उड़ानें बंद हो गई हैं। अब यात्रियों को दिल्ली, बेंगलुरु और जयपुर जैसे शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे यात्रा का समय बढ़ने के साथ-साथ खर्च भी काफी बढ़ गया है। समर वेकेशन के दौरान इसका सीधा असर ट्रैवल प्लान पर देखने को मिल रहा है, जहां कई लोग अब ट्रेन या अन्य विकल्प चुन रहे हैं।
इंटरनेशनल टिकट में बड़ा उछाल
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका असर और ज्यादा देखा जा रहा है। खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले कई हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे रूट डायवर्जन करना पड़ रहा है। इस कारण दूरी और ईंधन खपत बढ़ी है। इसके चलते इंटरनेशनल टिकट में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ मामलों में अमेरिका और अन्य देशों के लिए टिकट कीमतें लगभग दोगुनी तक पहुंच गई हैं।
आगे और महंगे हो सकते हैं किराए
ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार नहीं हुआ और ATF की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले समय में हवाई किराए और बढ़ सकते हैं। मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां बढ़ती कीमतों और कम होती कनेक्टिविटी के कारण हवाई यात्रा पहले के मुकाबले कम किफायती होती जा रही है।