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Mahadev Satta App Running: सौरभ चंद्राकर के भारत आने के बाद भी थमा नहीं सट्टा नेटवर्क, दो डोमेन से चल रहा खेल

महादेव सट्टा केस के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद भी इंटरनेट पर दो डोमने सक्रिय मिले हैं। एक साइट वीपीएन से खुलती है, दूसरी सीधे भारत में चल रही है।

By : संजय चतुर्वेदी
Mahadev Satta App Running: सौरभ चंद्राकर के भारत आने के बाद भी थमा नहीं सट्टा नेटवर्क, दो डोमेन से चल रहा खेल

Saurabh chandrakar mahadev betting Still Active

रायपुर। महादेवस सट्टा केस में प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया जा चुका है। पूछताछ चल रही है। लेकिन इंटरनेट पर इस सट्टे का कारोबार अब भी जिंदा दिख रहा है। पड़ताल में दो डोमेन सामने आए हैं। इनके नाम में महादेव जुड़ा है। यानी अवैध कमाई का खेल बंद नहीं हुआ। बस उसका ढंग बदल गया है।

इन दोनों में से एक वेबसाइट भारत में सीधे नहीं खुलती। उसे देखने के लिए वीपीएन का सहारा लेना पड़ता है। दूसरी वेबसाइट बिना किसी रुकावट के भारत में खुल जाती है।

दोनों डोमेन की कुंडली

वह साइट जो भारत में ब्लॉक है, उसका डोमेन 3 अप्रैल 2021 को लिया गया था। वह 2027 तक के लिए रजिस्टर्ड है और उसका सर्वर लोकेशन मुंबई, महाराष्ट्र दिखाता है। दूसरी साइट 5 अक्टूबर 2025 से सक्रिय है और 5 अक्टूबर 2027 तक के लिए बुक की गई है। इंटरनेट पर खंगालने से इनका सर्वर कैलिफोर्निया के सैन होजे में दिखता है। डोमेन की जानकारी मुताबिक इसका संचालन महाराष्ट्र से हो रहा है। वहीं, संपर्क के लिए विदेश का नंबर दर्ज है।

वेबसाइट सिर्फ दिखावा, असली काम वाट्सएप पर

इस दूसरी साइट पर रजिस्ट्रेसन या अकाउंट बनाने की कोई ऑटोमेटेड व्यवस्था नहीं है। यूजर डैशबोर्ड भी नहीं मिलता। ज्यादातर सेवाओं के लिए सीधे वाट्सएप सपोर्ट से जुड़ने का विकल्प दिया गया है। यानी साइट का काम सिर्फ लोगों को खींचना और रास्ता दिखाना है।

एजेंटों के सहारे चलता है नेटवर्क

साइट पर दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही व्यक्ति वाट्सएप चैट में पहुंच जाता है। वहां पैनल एजेंट के तौर पर काम करने वाले ऑपरेटर उसे यूजर आईडी, पासवर्ड और सट्टेबाजी या गेमिंग क्रेडिट देते हैं। पैसे जमा करने और निकालने का काम भी यही ऑपरेटर यूपीआई या बैंक खातों के जरिए करते हैं। माना जा रहा है कि यह तरीका इसलिए अपनाया है कि अगर मुख्य डोमेन या वेबसाइट ब्लॉक हो जाए, तब भी नेटवर्क चलता रहे और सीधी ट्रैकिंग से बचा जा सके।

 वीपीएन क्या है और कैसे काम करता है

वीपीएन यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एक ऐसी तकनीक है, जो आपके डिवाइस और सर्वर के बीच एन्क्रिप्टेड कनेक्शन बना देती है। इससे असली आईपी एड्रेस छिप जाता है और ऑनलाइन गतिविधि की निजता बनी रहती है। ब्लॉक की गई साइटों तक पहुंचने के लिए भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि वीपीएन का उपयोग अपने आप में गैरकानूनी नहीं है।

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