मध्य प्रदेश में 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पतालों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बड़े संकट की ओर बढ़ती नजर आ रही है। प्रदेश के करीब 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। ग्वालियर में कर्मचारी पड़ाव स्थित मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर एकत्र होकर आंदोलन की शुरुआत करेंगे। हड़ताल के चलते ग्रामीण से लेकर शहरी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
लंबित मांगों को लेकर बढ़ा टकराव
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का कहना है कि 2023 में हुई महापंचायत में कई वादे किए गए थे, लेकिन उन पर अब तक अमल नहीं हुआ। संघ के अनुसार संविदा नीति लागू होने के बावजूद कर्मचारियों की स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ, जिससे नाराजगी लगातार बढ़ती गई।
किन सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर
हड़ताल का असर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक देखने को मिल सकता है। संजीवनी क्लिनिक, टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, बच्चों का टीकाकरण और आयुष्मान आरोग्य केंद्र जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। एसएनसीयू और एनआरसी जैसी इकाइयों में भी कामकाज बाधित होने की संभावना है।
स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती
अब स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जरूरी सेवाओं को किसी तरह जारी रखा जाए। प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ गया है कि जल्द समाधान निकाला जाए ताकि आम मरीजों को परेशानी न हो।