मध्य प्रदेश में विधानसभा सत्र के बाद कलेक्टरों और एसपी की बड़ी तबादला सूची आ सकती है। 24 से ज्यादा जिले होंगे प्रभावित, परफॉर्मेंस बनेगा आधार
दो दर्जन से ज्यादा जिले प्रभावित होंगे, पुलिस अधीक्षकों का भी होगा बदलाव
प्रदेश सरकार ने विधानसभा बजट सत्र से दो दिन पहले शुक्रवार देर रात 11 आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर दी है। यह सूची विधानसभा सत्र के बाद जारी होना प्रस्तावित थी, लेकिन प्रशासनिक घटनाक्रम की वजह से इसे पहले ही जारी करना पड़ा। हालांकि इस सूची में एक भी मैदानी अधिकारी का तबादला नहीं किया गया है।
मैदानी अधिकारियों की तबादला सूची विधानसभा सत्र के बाद आने की संभावना है, जिसमें करीब दो दर्जन जिलों के कलेक्टर और लगभग डेढ़ दर्जन जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले जाएंगे।
एसआईआर की वजह से अटका है कलेक्टरों का फेरबदल
प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया जारी होने के कारण कलेक्टरों के तबादलों पर चुनाव आयोग का प्रतिबंध लागू है। इसी वजह से इस अवधि में सरकार ने चुनाव आयोग की अनुमति लेकर विशेष कारणों से अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाया था। जबकि बड़ी संख्या में कलेक्टरों के तबादले अभी लंबित हैं।प्रदेश में एसआईआर की अवधि 22 फरवरी तक है। यदि चुनाव आयोग इस अवधि को आगे नहीं बढ़ाता है, तो विधानसभा सत्र 6 मार्च को समाप्त होने के बाद मैदानी अधिकारियों की तबादला सूची जारी की जा सकती है।
कलेक्टर बनने 2017 बैच का खुलेगा खाता
निकट भविष्य में होने वाले प्रशासनिक फेरबदल में 2017 बैच के अधिकारियों को कलेक्टर बनाए जाने की तैयारी है। इनमें मुख्य सचिव कार्यालय में पदस्थ दो अधिकारी गुरुप्रसाद और डीके नागेन्द्र को इस साल कलेक्टरी मिलना तय माना जा रहा है।इसी बैच के अंजु, अरुण कुमार, अभिलाष मिश्रा, कुमार सत्यम, सौरभ सोनवाने, योगेश तुकारात और राहुल नामदेव को भी चरणबद्ध तरीके से कलेक्टरी मिलने की संभावना है। रोहित सिसोनिया का नाम भी कलेक्टर बनने वाले अधिकारियों की सूची में था, लेकिन इंदौर प्रकरण के चलते वे फिलहाल निलंबित हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक मार्च–अप्रैल में 50 से ज्यादा आईएएस अधिकारियों के तबादले हो सकते हैं। इनमें कलेक्टरों के अलावा तीन संभागायुक्त, जिला पंचायत सीईओ भी शामिल हैं। साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की तबादला सूची भी मार्च के आखिरी सप्ताह या अप्रैल में आने की संभावना है।
इन जिलों से हटेंगे जिलाधीश
विधानसभा सत्र के बाद होने वाले संभावित प्रशासनिक फेरबदल में भोपाल के जिलाधीश कौशलेंद्र विक्रम सिंह, धार के प्रियंक मिश्रा सहित रीवा, ग्वालियर, मैहर, नर्मदापुरम और झाबुआ जिलों के कलेक्टर प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा शिवपुरी, दमोह, छतरपुर और आगर जिले भी इस फेरबदल की जद में आ सकते हैं।प्रशासनिक बदलाव में महिला कलेक्टरों की संख्या कम हो सकती है। वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों में महिला कलेक्टर पदस्थ हैं। फेरबदल पूरी तरह परफॉर्मेंस के आधार पर किया जाएगा और कमजोर प्रदर्शन वाले मैदानी अधिकारियों को हटाया जा सकता है।