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CM मोहन यादव ने त्यागा काफिला

सिंगरौली में सादगी की अनोखी मिसाल! सीएम मोहन यादव ने त्यागा काफिला, टूरिस्ट बस से पहुंचे कार्यक्रम स्थल

CM डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता अपील पर अमल करते हुए सिंगरौली में पूरी काफिला छोड़ दिया। जनप्रतिनिधियों के साथ टूरिस्ट बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, लोगों ने सराहा यह अंदाज।


सिंगरौली में सादगी की अनोखी मिसाल सीएम मोहन यादव ने त्यागा काफिला टूरिस्ट बस से पहुंचे कार्यक्रम स्थल

 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार 23 मई को सिंगरौली जिले के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता वाली अपील को सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि अमल में दिखा दिया। पहुंचते ही उन्होंने अपना पूरा काफिला छोड़ दिया और जनप्रतिनिधियों के साथ टूरिस्ट बस में बैठकर एनसीएल ग्राउंड पहुंचे। यह देखकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह छा गया।

दरअसल, पीएम मोदी ने हाल ही में सरकारी खर्चों में कटौती और सादगी बरतने की अपील की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उसी अपील को गंभीरता से लेते हुए इस कदम को उठाया। बस में उनके साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, राज्यमंत्री राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि सवार थे।

बस में सफर, जनता से जुड़ाव का नया अंदाज

जब सीएम की बस कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तो लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। कई लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह सरल अंदाज देखकर अच्छा लगा। पद की गरिमा तो बनी रही, लेकिन दिखावे की कोई जरूरत नहीं दिखी। ऐसे में अन्य नेता भी इस मिसाल को फॉलो करेंगे। मुख्यमंत्री का यह कदम न सिर्फ प्रोटोकॉल से ऊपर जनसेवा का संदेश दे रहा है, बल्कि सरकारी संसाधनों के सही उपयोग की दिशा में भी एक ठोस कदम माना जा रहा है।

पीएम मोदी की अपील के बाद फैसला 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ईंधन बचत और अनावश्यक खर्च पर लगाम लगाने की बात कही थी। डॉ. मोहन यादव ने इसे सिर्फ सुनकर नहीं, बल्कि सिंगरौली जैसे कार्यक्रम में लागू करके दिखा दिया। बस यात्रा के दौरान वातावरण काफी अनौपचारिक और सौहार्दपूर्ण रहा। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की पहचान अब प्रोटोकॉल और लंबे काफिले से नहीं, बल्कि सादगी और सेवा भाव से होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के इस फैसले ने उस सोच को मजबूती दी है।

जनता का मिला सकारात्मक प्रतिसाद

सिंगरौली के कार्यक्रम में पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने जनसेवा के मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि असली ताकत जनता का प्यार और विश्वास है, न कि बाहरी दिखावा। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश के अन्य जिलों और कार्यक्रमों में भी यह सादगी का मॉडल कितना अपनाया जाता है। लेकिन एक बात साफ है डॉ. मोहन यादव ने आज सिंगरौली में जो मिसाल पेश की, वह लंबे समय तक चर्चा में रहेगी।

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