मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों का पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं के कारण सत्यापन में देरी हो रही है, जिससे उन्हें गर्मी में परेशानी हो रही है।
डीपीआई से सत्यापन की तारीख बढ़ाने की मांग
मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पोर्टल में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों से परेशान हैं। इसके चलते प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक भीषण गर्मी में सत्यापन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। परेशान शिक्षकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति ने लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) से सत्यापन की तारीख बढ़ाने और पोर्टल की समस्याएं दूर करने की मांग की है।
नहीं बन पा रहे अनुभव प्रमाण पत्र
समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक भीषण गर्मी में पोर्टल पर सत्यापन के लिए परेशान हो रहे हैं। कई शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं, जबकि कई जगह पोर्टल तकनीकी खामियों के कारण काम नहीं कर रहा है। इससे शिक्षकों को आवेदन करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि दूरदराज से आए अतिथि शिक्षकों को कई संकुल केंद्रों पर दुर्व्यवहार और सहयोग नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। संगठन ने संकुल प्राचार्यों से अपील की है कि वे अतिथि शिक्षकों की समस्याओं को समझें और मानवीय व्यवहार करें।
70 हजार अतिथि शिक्षकों की होनी है भर्ती
प्रदेश में 70 हजार अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। माध्यमिक शिक्षक वर्ग में अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषयों के लिए सबसे अधिक रिक्तियां निकाली गई हैं।भर्ती के लिए फिलहाल अनुभव प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के बाद 16 जून से स्कूलों में प्रक्रिया तेज होगी और एक जुलाई तक पदस्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
एक जून से जॉइनिंग कराने की मांग
समिति के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने मांग की है कि अतिथि शिक्षकों की एक जून से यथावत जॉइनिंग कराई जाए, ताकि स्कूलों में समय पर पढ़ाई शुरू हो सके और बच्चों का कोर्स प्रभावित न हो।समिति ने स्कोर कार्ड में सेवाकाल के अनुसार अनुभव अंक जोड़ने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी अतिथि शिक्षकों को भर्ती और रिक्त पदों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।