लखनऊ के CISH में तैयार एक अनोखा पेड़ 334 किस्म के आम दे रहा है। ‘फ्रूट होराइजन-2026’ में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैज्ञानिकों की सराहना की।
कई मायनों में लखनऊ खास है। लाजवाब है और बेमिसाल भी। 'आम' के मामले में तो यह बेहद 'खास' है। यहां की 'मलिहाबादी दशहरी' दुनियाभर के 'शौकीनों' की सिरमौर है। अभी हाल ही में यहां के केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच) ने एक ऐसा पेड़ तैयार किया है, जिसकी टहनियों पर 334 किस्मों का 'स्वाद' एक साथ फलता है। जी हां, पेड़ एक और 334 किस्म के आम देता है। बात चौंकाने वाली जरूर है, लेकिन यह सच है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सीआईएसएच में आयोजित 'फ्रूट होराइजन-2026' में शामिल हुए। वह भी 334 किस्मों वाले 'आम' के इस 'खास' पेड़ की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने न सिर्फ वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाई, बल्कि इसका वीडियो भी साझा किया। अब क्या ही कहा जाए, 'आम' का मामला ही कुछ ऐसा है कि 'खास' होना पड़ता है।
शायर मुन्नवर राणा ने तो कहा था
“इंसान के हाथों की बनाई नहीं खाते,
आम के मौसम में मिठाई नहीं खाते।”
केंद्रीय आम अनुसंधान केंद्र (आईसीएआर) के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन के मुताबिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने 1972 में 'मलिहाबाद फल-पट्टी' में सीआईएसएच की स्थापना की थी। तभी से संस्थान आम, अमरूद, जामुन, बेल, केला, आंवला, रुचिरा के साथ शाकभाजी पर काम कर रहा है।
टोपिंग और ग्राफ्टिंग अपनाएं और परिणाम पाएं
प्लांट पैथोलॉजी के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. प्रभात कुमार शुक्ल ने बताया, “टोपिंग और ग्राफ्टिंग के माध्यम से ऐसा संभव हुआ है।” उन्होंने बताया कि गत वर्ष ऊंचे पेड़ों की 16 फीट ऊपर से टोपिंग की गई, जिससे बड़े पैमाने पर नए कल्ले निकले। इन्हीं नई टहनियों के साथ ग्राफ्टिंग करके एक ऐसा पेड़ तैयार किया गया, जिस पर 334 किस्में आई हैं।
लखनऊ के चार ब्लॉक मलिहाबाद, माल, काकोरी और बीकेटी के 30 हजार हेक्टेयर में फैली हरियाली को 'फल-पट्टी' का रुतबा हासिल है। यहां का 'दशहरी आम' विश्व प्रसिद्ध है। इसे जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग भी मिला है। इस फल-पट्टी में हर साल छह से सात लाख मीट्रिक टन आम की पैदावार होती है।
कलीमुल्लाह अंसारी को मिला पद्मश्री
मलिहाबाद के कलीमुल्लाह अंसारी (66) को वर्ष 2008 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। एक पेड़ में 350 किस्में तैयार करने वाले कलीमुल्लाह को 'मैंगोमैन' के नाम से पहचान और शोहरत दोनों मिली हैं। उन्होंने मोदी, राजनाथ, शाह, योगी, सुष्मिता, ऐश्वर्या, मुलायम, सचिन, कलाम, अमिताभ और अखिलेश जैसी शख्सियतों के नाम पर आम की किस्में तैयार की हैं।