उत्तर प्रदेश में LPG सिलेंडर की किल्लत से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अमेठी में शादी से पहले पिता लाइन में लगा रहा, गोंडा में 2000 रुपये में ब्लैक में सिलेंडर बिक रहा है, लखनऊ में भट्ठियों की कीमतें कई
लखनऊ। देश के कई हिस्सों में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर अजीब हालात बन गए हैं। कहीं लोग सुबह से रात तक लाइन में खड़े हैं, कहीं ब्लैक मार्केट में गैस दोगुनी कीमत पर बिक रही है, तो कहीं सिलेंडर की कमी के चलते लोग मजबूर होकर चूल्हे और भट्ठियों की तरफ लौटने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सामने आ रही तस्वीरें बता रही हैं कि LPG सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, और आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
अमेठी: बेटी की शादी से पहले सिलेंडर के लिए लाइन में पिता
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक बेहद मार्मिक तस्वीर सामने आई है। अमेठी कोतवाली क्षेत्र के डेढ़ पसार गांव में एक पिता अपनी बेटी की शादी से पहले गैस सिलेंडर लेने के लिए सुबह से रात तक लाइन में लगा रहा, लेकिन फिर भी उसे सिलेंडर नहीं मिल सका। हालात ऐसे हो गए कि शादी की तैयारियों के बीच हलवाई को लकड़ी के चूल्हे पर मिठाई बनानी पड़ी। बताया जा रहा है कि सिलेंडर की बुकिंग पहले से थी, फिर भी सप्लाई नहीं मिल पाई। गांव के लोगों का कहना है कि कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है और लोग घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं।
गोंडा: 2000 रुपये में ब्लैक में बिक रहा सिलेंडर
उधर गोंडा जिले में गैस सिलेंडर की किल्लत ने कालाबाजारी को खुली छूट दे दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाजार में सिलेंडर करीब 2000 रुपये तक ब्लैक में बेचा जा रहा है। जिले की 78 गैस एजेंसियों में सप्लाई बेहद कम है, जिसके कारण लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि पूर्ति विभाग इस स्थिति से निपटने में असहाय नजर आ रहा है। जमाखोर और बिचौलिए इसका फायदा उठा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे।
लखनऊ: सिलेंडर नहीं तो भट्ठी महंगी
राजधानी लखनऊ में भी गैस की कमी का असर साफ दिखाई दे रहा है। सिलेंडर की किल्लत के बाद बाजार में भट्ठियों की मांग अचानक बढ़ गई है। पहले जो भट्ठी करीब 500 रुपये में मिलती थी, वही अब 3000 से 3500 रुपये तक बेची जा रही है। दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन सप्लाई कम होने के कारण लोगों को 7 से 8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
होटल और छोटे कारोबारियों की बढ़ी परेशानी
गैस सिलेंडर की कमी का असर सबसे ज्यादा होटल और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि बिना गैस या भट्ठी के उनका काम चलाना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर रसोई का काम प्रभावित हो रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग और सीमित सप्लाई की वजह से कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन अगर जल्द हालात नहीं सुधरे तो छोटे व्यापारियों के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है।
सवालों के घेरे में गैस वितरण व्यवस्था
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने गैस वितरण व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर सप्लाई समय पर नहीं सुधरी और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गंभीर हो सकता है।