यूपी के कई शहरों में LPG सिलेंडर को लेकर अफरा-तफरी। लखनऊ, गोरखपुर समेत कई जगहों पर 4-5 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर, एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें। प्रशासन ने कहा- कमी नहीं है।
लखनऊ। ईरान- इजराइल-अमेरिका युद्ध के चलते ईंधन और गैस पर असर दिख रहा है। भारत के कई राज्यों में गैस मिलने में परेशानी हो रही है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इन दिनों रसोई गैस को लेकर हलचल बढ़ गई है। लखनऊ, प्रयागराज और गोरखपुर समेत कई जगहों पर लोगों को बुकिंग के 4–5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा। एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लाइन लग रही है, और कई जगहों पर लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा।
लखनऊ के लालबाग इलाके में एक गैस एजेंसी पर उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक ग्राहक की पासबुक फाड़ दी गई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक कुछ लोग एक साथ 2–3 सिलेंडर लेने पहुंच गए, जिससे हालात और बिगड़ गए।
एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें
गोरखपुर में गैस एजेंसी के बाहर इंतजार कर रहे लोगों का कहना है कि वे पिछले दो–तीन दिन से लाइन लगा रहे हैं। एक ग्राहक ने कहा, 'ऐसा लग रहा है जैसे 15–20 साल पहले वाले दिन वापस आ गए हों, जब गैस सिलेंडर के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था।' अचानक बढ़ी मांग की वजह से कई जगहों पर सप्लाई और डिलीवरी का सिस्टम गड़बड़ा गया है।
अधिकारियों ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियां किसी तरह की कमी से इनकार कर रही हैं। लखनऊ के जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार जिले में करीब 25 दिन का गैस कोटा उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। तेल कंपनियों ने भी ग्राहकों को मैसेज भेजकर कहा कि ईंधन की कमी की खबरें भ्रामक और निराधार हैं और देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कॉमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर असर
इधर तेल कंपनियों ने घटते स्टॉक के चलते कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर फिलहाल रोक लगा दी है। एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि अभी घरेलू सिलेंडर की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है। कई जगहों पर उन्हें कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे।
प्रदेश में रोज 5–6 लाख सिलेंडर की खपत
उत्तर प्रदेश में करीब 4.26 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं। इनमें से लगभग 1.87 करोड़ कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं। प्रदेश में औसतन हर दिन 5 से 6 लाख सिलेंडर की खपत होती है, ऐसे में सप्लाई में हल्की भी रुकावट होने पर असर तुरंत दिखाई देने लगता है।
अखिलेश यादव ने सरकार से मांगा जवाब
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से छात्रों, कामगारों और बाहर रहने वाले लोगों के सामने भोजन की समस्या खड़ी हो सकती है। अखिलेश ने कहा कि क्लाउड किचन, फूड डिलीवरी स्टार्टअप और ट्रेवल सेक्टर पर भी इसका असर पड़ सकता है। सरकार को गैस सप्लाई की स्थिति पर साफ जानकारी देनी चाहिए ताकि लोग समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।