बिलासपुर में अवैध गैस रिफिलिंग सेंटर पर छापे में 55 सिलेंडर जब्त, वहीं बीजापुर में होटल-ढाबों में घरेलू गैस के इस्तेमाल पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में घरेलू गैस सिलेंडर के अवैध इस्तेमाल और कालाबाजारी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। एक तरफ बिलासपुर में अवैध रिफिलिंग सेंटर पर छापा मारकर दर्जनों सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं, बीजापुर में होटल और ढाबों में घरेलू गैस के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने अचानक निरीक्षण शुरू कर दिया।
दोनों जिलों की इन कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि घरेलू गैस की कालाबाजारी और गलत इस्तेमाल पर अब प्रशासन की नजर काफी सख्त हो चुकी है।
बिलासपुर में अवैध गैस रिफिलिंग का भंडाफोड़
बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में गुडाखू फैक्ट्री के सामने वाली गली में खाद्य विभाग की टीम ने एक अवैध रिफिलिंग सेंटर पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मौके से 55 खाली और भरे हुए गैस सिलेंडर बरामद किए गए। जानकारी के अनुसार आरोपी श्रवण साहू किराए के मकान में डंप यार्ड बनाकर करीब डेढ़ साल से गैस का अवैध कारोबार चला रहा था। वह घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटी टंकियों में भरता और उन्हें ज्यादा कीमत पर बेच देता था।
खाद्य विभाग को इस अवैध गतिविधि की सूचना मिली थी, जिसके बाद सहायक जिला खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
हॉस्टल के छात्रों को बनाया था मुख्य ग्राहक
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का मुख्य निशाना हॉस्टलों में रहने वाले छात्र थे। वह 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर 5 किलो की छोटी टंकियों में भरता था। फिर इन्हें छात्रों तक सप्लाई करता था। घनी आबादी वाले इलाके में चल रहा यह कारोबार काफी जोखिम भरा भी था, क्योंकि एक ही कमरे में इतने सिलेंडरों का भंडारण कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।
अब विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि इतने बड़े पैमाने पर सिलेंडर आरोपी तक पहुंचे कैसे, और इसमें किन डिलीवरी बॉय या एजेंसियों की भूमिका रही।
बीजापुर में होटल-ढाबों पर प्रशासन का औचक निरीक्षण
उधर बीजापुर जिले में भी प्रशासन ने घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल ने टीम के साथ जिला मुख्यालय में होटल और ढाबों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान होटल संचालकों और ढाबा मालिकों को साफ निर्देश दिए गए कि वे घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग न करें। अधिकारियों ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में केवल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर किसी होटल या ढाबे में घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल पाया गया तो संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि घरेलू गैस का कमर्शियल उपयोग न केवल नियमों के खिलाफ है बल्कि इससे सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
प्रशासन की नजर अब सप्लाई चेन पर
बिलासपुर की कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर एक व्यक्ति के पास इतने सिलेंडर पहुंचे कैसे। विभाग अब सप्लाई चेन की जांच कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गैस वितरण एजेंसियों और डिलीवरी नेटवर्क की भी जांच हो सकती है. ताकि ऐसी कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।