कानपुर में B.Ed प्रवेश परीक्षा से पहले बड़ा हादसा हुआ, 25 अभ्यर्थी धंसे नाले में गिर गए। वहीं पूरे यूपी में AI कैमरों से परीक्षा की सख्त निगरानी की गई और हजारों अलर्ट कंट्रोल रूम को भेजे गए।
उत्तर प्रदेश में रविवार को B.Ed प्रवेश परीक्षा पूरे प्रदेश में दो शिफ्टों में आयोजित की गई। 72 जिलों में बने 1000 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर लाखों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, लेकिन कानपुर में परीक्षा से पहले एक घटना ने सभी का ध्यान खींच लिया। प्रोफेसर एचएन मिश्रा पीजी कॉलेज के पास परीक्षा केंद्र के बाहर अचानक नाला धंस गया, जिसमें करीब 25 अभ्यर्थी गिर गए। इस हादसे में कई छात्रों के कपड़े और एडमिट कार्ड भीग गए, जबकि कुछ को हल्की चोटें भी आईं। स्थानीय लोगों और साथी अभ्यर्थियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी को बाहर निकाला, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
परीक्षा से पहले अफरा-तफरी का माहौल
घटना परीक्षा शुरू होने से पहले की बताई जा रही है, जब बड़ी संख्या में छात्र केंद्र के बाहर मौजूद थे। अचानक जमीन धंसने से वहां अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र नाले में गिरने से घबरा गए, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे ने परीक्षा केंद्रों के आसपास बुनियादी ढांचे की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
AI कैमरों की निगरानी में हुई परीक्षा
पूरे प्रदेश में इस बार परीक्षा की निगरानी AI आधारित कैमरों से की गई। करीब 20 हजार कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी गई। परीक्षा के दौरान सिस्टम ने लगभग 18 हजार से ज्यादा अलर्ट कंट्रोल रूम को भेजे। वहीं 2200 से अधिक कॉल कर परीक्षा केंद्रों पर स्थिति की जानकारी ली गई। निगरानी व्यवस्था का मकसद नकल रोकना और परीक्षा को पारदर्शी बनाना बताया गया।
सुरक्षा के सख्त नियम और सख्त चेकिंग
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री से पहले कड़ी जांच की गई। आधार, एडमिट कार्ड, फोटो और बायोमेट्रिक मिलान के बाद ही प्रवेश दिया गया। कई जगहों पर जूते और घड़ियां भी बाहर उतरवा ली गईं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी नजर आई। इन सख्त नियमों के चलते परीक्षा प्रक्रिया काफी नियंत्रित रही।
परीक्षा में 90% से ज्यादा उपस्थिति
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के अनुसार इस बार कुल 4.4 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि हजारों ने परीक्षा छोड़ दी। कासगंज और पीलीभीत में उपस्थिति सबसे ज्यादा रही, जबकि गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में थोड़ी कम भागीदारी दर्ज की गई। अच्छी बात यह रही कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर सॉल्वर गैंग का कोई मामला सामने नहीं आया, जिससे परीक्षा की शुचिता बरकरार रही।