पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली BJP की कमान सौंप दी गई है। संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता पर पार्टी ने बड़ा भरोसा जताया है।
नई दिल्ली। दिल्ली बीजेपी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। पार्टी की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के बाद यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू भी कर दिया गया। राजधानी की राजनीति में इसे सिर्फ संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीजेपी ऐसे समय में यह दांव खेल रही है जब दिल्ली में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। पार्टी अब बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और स्थानीय चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम करती दिख रही है। हर्ष मल्होत्रा का लंबे समय से संगठन और पूर्वी दिल्ली में सक्रिय रहना इस फैसले की बड़ी वजह माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत और केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद अब दिल्ली बीजेपी की जिम्मेदारी मिलना उनके बढ़ते राजनीतिक कद का संकेत माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि संगठन में अनुभव और जमीनी पकड़ को प्राथमिकता दी जाएगी।
लोकसभा जीत के बाद बढ़ा भरोसा
2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने हर्ष मल्होत्रा को पूर्वी दिल्ली सीट से मैदान में उतारा था। उन्होंने पूर्व सांसद और क्रिकेटर गौतम गंभीर की जगह चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को उन्होंने 93 हजार 663 वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में हर्ष मल्होत्रा को 6 लाख 64 हजार 819 वोट मिले थे, जबकि कुलदीप कुमार को 5 लाख 71 हजार 156 वोट हासिल हुए। बीजेपी के भीतर इस जीत को सिर्फ चुनावी सफलता नहीं, बल्कि पूर्वी दिल्ली में मजबूत जनाधार का संकेत माना गया।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
हंसराज कॉलेज से पढ़ाई करने वाले हर्ष मल्होत्रा लंबे समय से दिल्ली की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। छात्र राजनीति से शुरुआत करने के बाद उन्होंने संगठन में लगातार काम किया और धीरे-धीरे पार्टी नेतृत्व का भरोसा हासिल किया। साल 2012 में उन्होंने वेलकम कॉलोनी वार्ड से निगम पार्षद का चुनाव जीता। इसके बाद 2015-16 के दौरान पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर भी बने। स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क ने उन्हें संगठन में अलग पहचान दिलाई।
संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका
हर्ष मल्होत्रा सिर्फ संगठनात्मक राजनीति तक सीमित नहीं रहे। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया। इससे पहले भी वह दिल्ली बीजेपी के महासचिव के तौर पर काम कर चुके हैं। पार्टी के भीतर उन्हें ऐसा चेहरा माना जाता है जो संगठन और सरकार के बीच तालमेल बैठाने की क्षमता रखता है। यही वजह है कि दिल्ली बीजेपी की नई रणनीति में उन्हें अहम जिम्मेदारी दी गई।
पूर्वी दिल्ली की पकड़ बनी सबसे बड़ी ताकत
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि पूर्वी दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा की पकड़ काफी मजबूत है। स्थानीय स्तर पर सक्रियता, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद और क्षेत्रीय मुद्दों पर लगातार मौजूदगी ने उन्हें बीजेपी का भरोसेमंद चेहरा बनाया। बीजेपी नेतृत्व अब दिल्ली में ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाना चाहता है जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत हो और जो संगठन को चुनावी मोड में तेजी से सक्रिय कर सकें। ऐसे में हर्ष मल्होत्रा की नियुक्ति को आगामी राजनीतिक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
नियुक्ति पत्र जारी होते ही लागू हुआ फैसला
पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की गई। आदेश जारी होते ही यह फैसला प्रभावी भी कर दिया गया। पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के कार्यकाल के बाद अब बीजेपी ने राजधानी की कमान ऐसे नेता को सौंपी है जो संगठन, सरकार और चुनावी राजनीति तीनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। आने वाले समय में दिल्ली बीजेपी की रणनीति किस दिशा में जाएगी, इस पर अब राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।