बेमेतरा विधायक दीपेश साहू 23 गरीब जोड़ों के साथ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में विवाह करेंगे। सादगी और सामाजिक समानता का यह कदम पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में इस बार मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह समारोह सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं रहेगा। इस बार यह सामाजिक संदेश का बड़ा मंच बनने जा रहा है। इसकी वजह हैं भाजपा विधायक दीपेश साहू, जिन्होंने शाही इंतजाम और वीआईपी कल्चर से दूर रहकर आम लोगों के बीच सामूहिक विवाह में शादी करने का फैसला लिया है।
31 मई को बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले इस समारोह में विधायक दीपेश साहू, तरूणा साहू के साथ सात फेरे लेंगे। उनके साथ 23 गरीब और जरूरतमंद जोड़े भी विवाह बंधन में बंधेंगे। यानी कुल 24 जोड़ों का यह सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है।
सियासत से अलग दिखा सादगी वाला चेहरा
आमतौर पर नेताओं और जनप्रतिनिधियों की शादियां भव्य आयोजन, वीआईपी मेहमानों और भारी खर्च के लिए चर्चा में रहती हैं। लेकिन बेमेतरा में तस्वीर अलग दिखाई दे रही है। विधायक दीपेश साहू ने सरकारी योजना के मंच पर आम परिवारों के साथ विवाह करने का फैसला लेकर राजनीतिक गलियारों में भी अलग संदेश दिया है। इसे सादगी और सामाजिक समानता की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश के बड़े नेता होंगे शामिल
इस सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शामिल होंगे और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद विजय बघेल, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा समेत कई मंत्री और जनप्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। इसी वजह से यह आयोजन अब सिर्फ स्थानीय कार्यक्रम नहीं रह गया, बल्कि प्रदेश स्तर पर चर्चित सामाजिक और राजनीतिक आयोजन बन चुका है।
फिजूलखर्ची के दौर में अलग संदेश
ऐसे समय में जब शादियों में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करना सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है, तब एक विधायक का सामूहिक विवाह में शामिल होना अलग मिसाल माना जा रहा है। सामाजिक और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह की पहल समाज में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा दे सकती है। खासकर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के बीच इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
सरकारी योजना को भी मिलेगा नया संदेश
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह में मदद देना है। लेकिन इस बार यह योजना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पहली बार कोई मौजूदा विधायक उसी मंच पर आम लोगों के साथ विवाह करने जा रहा है। बेमेतरा में होने वाला यह आयोजन अब केवल शादी समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश और राजनीतिक प्रतीक दोनों के रूप में देखा जा रहा है।