ट्विशा शर्मा केस में आरोपी समर्थ सिंह ने जबलपुर कोर्ट में सरेंडर की कोशिश की, लेकिन क्षेत्राधिकार के चलते अदालत ने इनकार कर दिया। अब भोपाल पुलिस उसे कोर्ट में पेश करेगी।
भोपाल। ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में शुक्रवार को जबलपुर कोर्ट परिसर में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जबलपुर अदालत में सरेंडर की कोशिश की, लेकिन उसका यह दांव काम नहीं आया। कानूनी क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए अदालत ने साफ कर दिया कि इस मामले में आत्मसमर्पण केवल भोपाल की अदालत में ही हो सकता है, क्योंकि FIR और पूरी जांच वहीं दर्ज है।
करीब दो घंटे तक कोर्ट परिसर में लगातार हलचल और कानूनी उठापटक चलती रही। आखिरकार समर्थ सिंह को बिना राहत के लौटना पड़ा और अब भोपाल पुलिस की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
जबलपुर कोर्ट में क्यों फंस गया सरेंडर का दांव
समर्थ सिंह ने जिला अदालत जबलपुर पहुंचकर आत्मसमर्पण करने की कोशिश की थी। लेकिन कानूनी प्रक्रिया उसके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन गई। अदालत ने साफ कहा कि मामला भोपाल में दर्ज है, इसलिए सरेंडर की प्रक्रिया भी वहीं पूरी होगी। क्षेत्राधिकार से बाहर होने के कारण जबलपुर कोर्ट ने किसी भी तरह का आदेश देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद समर्थ सिंह को कोई कानूनी राहत नहीं मिल सकी। अब भोपाल पुलिस उसे हिरासत में लेकर भोपाल कोर्ट में पेश कर सकती है।
कोर्ट परिसर में दो घंटे तक चलता रहा ड्रामा
समर्थ सिंह के सरेंडर प्रयास के दौरान जबलपुर जिला अदालत परिसर में करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। यह पूरा घटनाक्रम मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट से शुरू होकर जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट तक पहुंचा। इसके बाद जिला बार एसोसिएशन कार्यालय के आसपास भी हलचल बनी रही। सूत्रों के अनुसार, आरोपी पक्ष लगातार अपनी कानूनी रणनीति बदलने की कोशिश करता रहा। लेकिन अदालत के सख्त रुख के चलते कोई रास्ता नहीं निकल पाया।
अग्रिम जमानत अर्जी भी वापस लेनी पड़ी
इससे पहले सुबह हाई कोर्ट में समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ में हुई। राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने केस डायरी मंगवाने के लिए समय मांगा था। कोर्ट ने दोपहर तक का समय दिया। लेकिन लंच के बाद सुनवाई शुरू होते ही समर्थ सिंह के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने की बात कही। अदालत ने आवेदन निरस्त कर दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े तुषार मेहता
ट्विशा शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पक्ष रखा। मामला पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है, क्योंकि ट्विशा की मौत को लेकर परिवार लगातार गंभीर आरोप लगा रहा है। वहीं अब आरोपी की कानूनी कोशिशें भी जांच और कार्रवाई के केंद्र में आ गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सबसे ज्यादा नजर भोपाल पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।