सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के स्टोर रूम में भर्ती मरीज का शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।
सागर। जिले के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में सोमवार के दिन भर्ती एक मरीज का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मरीज का शव हड्डी रोग वार्ड से सटे स्टोर रूम में बरामद हुआ। अस्पताल में भर्ती मरीज का इस तरह शव मिलने की घटना ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं, शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वार्ड से स्टोर रूम तक कैसे पहुंचा मरीज
मरीज अस्पताल में भर्ती था। लेकिन उसका शव वार्ड क्रमांक 14 के पास बने स्टोर रूम में मिला। यह सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह वार्ड से बाहर कैसे निकला और स्टोर रूम तक कैसे पहुंच गया। पुलिस मरीज की अंतिम गतिविधियों का पता लगाने के लिए अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उठाए सवाल
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मरीज वार्ड से बाहर निकला था तो सुरक्षा कर्मियों और अस्पताल स्टाफ को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में आ गई है।
पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से कर रही जांच
गोपालगंज थाना प्रभारी जीपी शर्मा के मुताबिक स्टोर रूम से शव बरामद होने के बाद मर्ग कायम कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सीसीटीवी और फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी जांच
बीएमसी प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की निजता को देखते हुए वार्ड के अंदर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। हालांकि बरामदों और अन्य हिस्सों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस और फोरेंसिक टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मरीज स्टोर रूम तक किन परिस्थितियों में पहुंचा। पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।