विश्रामपुर धरने में सालों बाद भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव एक साथ नजर आए। एक कार में दोनों नेताओं की तस्वीर ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति में नए संकेत दे दिए हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति में लंबे समय बाद ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक चर्चाओं का रुख बदल दिया। विश्रामपुर में चल रहे कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव एक साथ दिखाई दिए। सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की हो रही है जिसमें सिंहदेव खुद कार चला रहे थे और बगल की सीट पर भूपेश बघेल बैठे नजर आए।
दोनों नेताओं के चेहरे पर सहजता और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। यही वजह है कि इस मुलाकात को सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
विश्रामपुर थाना के बाहर जारी धरने के बीच यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है जब पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में बनी हुई थीं। ऐसे में मंच पर दीपक बैज, भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव का साथ बैठना कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए भी अहम संकेत माना जा रहा है।
धरना बना शक्ति प्रदर्शन का मंच
नगर पंचायत शिवनंदनपुर में कांग्रेस नेता पर आर्म्स एक्ट लगाए जाने के विरोध में पार्टी पिछले कई घंटों से विश्रामपुर थाना के बाहर प्रदर्शन कर रही है। इस आंदोलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ पार्टी के कई बड़े नेता पहुंचे। धरना स्थल पर नेताओं की मौजूदगी ने प्रदर्शन को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया। कांग्रेस लगातार पुलिस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बता रही है और प्रशासन पर भाजपा नेताओं को बचाने का आरोप लगा रही है। इसी प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव का साथ दिखना पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश बन गया।
मंच से दिया एकजुटता का संदेश
धरना स्थल पर दोनों नेताओं ने मंच से साफ कहा कि उनके बीच किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। उन्होंने मीडिया में चल रही अटकलों को भी खारिज किया। टीएस सिहंदेव ने कहा कि वे पहले भी साथ थे, आज भी साथ हैं और आगे भी साथ रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में हर समय सार्वजनिक रूप से साथ दिखना जरूरी नहीं होता। लेकिन बातचीत और समन्वय लगातार चलता रहता है।
भूपेश बघेल ने भी भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस को एकजुट बताया। दोनों नेताओं का एक सुर में बोलना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है।
2018 के बाद पहली बार दिखी ऐसी तस्वीर
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि 2018 विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार दोनों नेता इस तरह सार्वजनिक रूप से साथ नजर आए हैं। कांग्रेस समर्थक इसे आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। मंच से नेताओं ने यह संकेत भी दिए कि आने वाले चुनावों में पार्टी एकजुट होकर मैदान में उतरेगी। वर्ष 2028 के चुनाव का जिक्र करते हुए फिर से सरकार बनाने का दावा भी किया गया। विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के खिलाफ मजबूत विपक्षी माहौल बनाने के लिए कांग्रेस अब संगठनात्मक एकता का संदेश देने में जुट गई है।
अनशन जारी, कांग्रेस को मिली आंशिक राहत
विश्रामपुर में कांग्रेस का धरना अभी भी जारी है। 36 घंटे से ज्यादा समय से नेता और कार्यकर्ता थाना परिसर के बाहर डटे हुए हैं। टीएस सिंहदेव और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज आमरण अनशन पर बैठे हैं, जबकि पांच कार्यकर्ता क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे आंशिक जीत बताया है, लेकिन पार्टी की बाकी मांगों पर अब भी सहमति नहीं बनी है। धरना स्थल पर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और बड़े नेताओं की मौजूदगी ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस इस मुद्दे को सिर्फ स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रखना चाहती।