भोपाल में जुम्मे की नमाज के बाद वक्फ संपत्ति विवाद को लेकर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
प्रमोद दुबे।
भोपाल। राजधानी भोपाल में शुक्रवार को आज दोपहर को जुम्मे की नमाज के बाद ताजुल मस्जिद परिसर के बाहर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने वक्फ बोर्ड की 253 एकड़ जमीन के सौदे के मामले को लेकर स्थानीय कांग्रेस पार्टी के नेताओं के विरुद्ध नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया । प्रदर्शनकारियो ने मामले में करोड़ों रुपए की गड़बड़ियां के साथ जमीनों के हेरफेर, जमीनों को अवैध रूप से विक्रय करना आदि आरोप लगाते हुए मामले में सीबीआई जांच की मांग की है । प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है इस संपूर्ण मामले में भोपाल के कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं की भूमिका स्पष्ट है। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन , कांग्रेस पार्टी के नेता इरफान दुर्रानी सहित लगभग कांग्रेस पार्टी के एक दर्जन से अधिक नेताओं पर आरोप लगाये ।
कैग रिपोर्ट में भी लग चुके हैं करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप
मुस्लिम समाज की समाज उत्थान से जुड़ी हुई कही जाने वाली वक्फ संपत्ति के ऊपर आरोप प्रत्यारोप का दौर कोई नया नहीं है इस मामले में भोपाल से जुड़े हुए करोड़ों रुपए की संपत्ति के संबंध में कैग रिपोर्ट वर्ष 2025 में सामने आई थी जिसमें भोपाल एवं भोपाल से जुड़े हुए क्षेत्र अंतर्गत उपरोक्त संपत्तियों पर रिपोर्ट में स्पष्ट आरोप थे ।
1 - सामुदायिक उपयोग सरकारी प्रयोजन के लिए आरक्षित भूमि को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज 110 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति पूरी तरह अवैध बताई गई थी ।
2 - संपत्तियों के पंजीयन में जिला प्रशासन की आपत्तियों को नजर अंदाज करते हुए शासकीय भूमि पर 81 कमर्शियल संपत्ति पर कब्जे का स्पष्ट उल्लेख था । जिसकी कीमत लगभग 2000 करोड रुपए बताई गई। इनमें स्कूल सहित संबंधित क्षेत्र के थाने एवं सार्वजनिक उपक्रम से जुड़ी हुई संपत्ति भी शामिल थी ।
3- मिसरोद क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी जमीन जिस पर सरकारी स्कूल एवं पुलिस स्टेशन वर्तमान में मौजूद है । लगभग 200 से 300 करोड़ की उपरोक्त जमीन को वक्फ संपत्ति में शामिल किया गया । एवं पंजीयन भी कर दिया गया ।
4- विदिशा से भोपाल रोड पर स्थित हलाली डैम के पास वन विभाग की जमीन जो 410 वर्ग मीटर के क्षेत्र में मौजूद है उपरोक्त जमीन पर भी कैग की रिपोर्ट के अनुसार वन अधिकार अधिनियम के विरुद्ध कब्जा करने की कोशिश की गई एवं कागजों में भी इसे पूर्व से ही वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया ।
5- भोपाल के संजय नगर क्षेत्र में स्थित लगभग 19.80 वर्ग मीटर भूमि जिस पर तालाब स्थित है , स्वामित्व शासन पर होने के बाद भी कब्जा करते हुए वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया ।
वास्तविक किराया एवं कागजी किराए में जमीन आसमान का अंतर
करोड रुपए की संपत्ति के संबंध में जानकारी के अनुसार कैग की रिपोर्ट कहती है कि -भोपाल एवं आसपास के क्षेत्र में जो वक्फ की संपत्ति पर स्पष्ट अनियमितताएं सामने आई है उनमें प्राथमिक रूप से वास्तविक कराया एवं कागजी किराए में जमीन आसमान का फर्क है । भोपाल में वक्फ की 15008 पंजीकृत संपत्ति के विरुद्ध ऐतिहासिक एवं आवासीय संपत्तियों में से 80% संपत्ति विवाद हेरा फेरी से जुड़ा हुआ है । 15008 कल संपत्तियों से 100 करोड़ से अधिक का किराया आने के स्थान पर सालाना मात्र 2 करोड़ किराया ही आता है । वास्तविक रूप से उपरोक्त किराया अधिकतम 2 से ₹5 प्रतिमाह ही बताया गया है । वक्फ प्रबंधन समिति अभिलेख की जांच करने के पश्चात स्पष्ट हुआ की 3887 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का मासिक कराया मात्र ₹2 वसूल किया गया , वहीं दूसरी ओर प्रबंधन निगरानी आदि पर पृथक से समिति का खर्चा दिखाया गया ।
एक दर्जन से अधिक कांग्रेसी नेताओं पर करोड़ों के हेरफेर के आरोप
शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद आज दोपहर को जिन कांग्रेस नेताओं के नाम दिए गए उनमें समसुल हसन, इरफान दुर्रानी , रियाज खान ,इकबाल खान, नईम खान सहित पूर्व अल्पसंख्यक का आयोग के लगभग तीन अध्यक्ष एवं कई पदाधिकारी शामिल है । उपरोक्त कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सबूत के साथ आरोप लगाने वाले मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि लगभग एक दर्जन से अधिक कांग्रेस पार्टी के पुराने नेताओं का नाम एवं उनकी संपत्ति का मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में संपूर्ण उल्लेख है।